कन्नौज। शादी के बाद भी दहेज की मांग न पूरी होने पर बहू को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतारने के मामले में कोर्ट ने पति, सास व ससुर को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के बछरजापुर गांव निवासी हरीराम ने ठठिया थाना में 12 अगस्त 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उसने पुत्री प्रियंका (22) की शादी दो साल पहले मुनौरापुर गांव निवासी सतीश के साथ थी। शादी के बाद पति, ससुर बलवीर, सास कुसमा, देवर मोनू, चचिया ससुर रणवीर अतिरिक्त दहेज में बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसको प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पांच अगस्त 2016 को केरोसिन डालकर बेटी को जला दिया। दिखावे के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया दिया। 10 अगस्त को अस्पताल से बेटी को घर भी ले आए। 12 अगस्त को सूचना मिली की पुत्री की मौत हो गई। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज इंद्रजीत सिंह ने पति सतीश, सास कुसमा व ससुर बलवीर को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।