छिबरामऊ (कन्नौज)। सात माह बीतने के बाद भी राजस्व विभाग 25 गांवों की खतौनी अपडेट नहीं कर पाया है। इससे चकबंदी का काम आगे नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में राजस्व रिकार्ड जले गांवों के किसानों को अभिलेखों के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
चकबंदी प्रक्रि या शुरू होने के बाद चकबंदी आयुक्त ने डीएम को 25 गांवों की सूची भेजी थी। रिकार्ड न होने से राजस्व परिषद ने इन गांवों की खतौनी अपडेट करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को सौंपी थी। लगभग सात माह बाद भी अभी तक खतौनी अपडेट नहीं हो सकी हैं। इससे किसान परेशान हैं। सीओ चकबंदी अनीस सिद्दीकी ने बताया कि खतौनी अपडेट होने के बाद मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में एसडीएम देवेश गुप्ता ने बताया कि सभी लेखपालों को सन 1982 की खतौनी के हिसाब से फार्म भरकर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। फार्म उपलब्ध न होने के कारण देरी हुई है। अब फार्म छपवाकर कार्य शुरू कराया जाएगा।
ये है मामला
सन 1990 में तत्कालीन फर्रुखाबाद जनपद के फूस बंगला कांड में छिबरामऊ तहसील के 35 गांवों का रिकार्ड जला दिया गया था। तमाम आंदोलन के बाद भी अभी तक रिकार्ड नहीं बन सका है। भाजपा सरकार बनने के बाद विधायक अर्चना पांडेय की पहल पर कार्य शुरू हुआ। अभी 10 गांवों में काम चल रहा है।
इन गांवों में चल रहा है कार्य
नंदलालपुर, अकबरपुर, उस्मानपुर, सरदामई, बरुआ सबलपुर, करनौली, हाथिन, गड़िया पाह, मेरापुर व कुंवरपुर बनवारी में चकबंदी का कार्य चल रहा है। एसीओ चकबंदी नरेंद्र वर्मा ने बताया कि मेरापुर व कुंवरपुर बनवारी गांव में कुछ गाटा नंबर ही गायब हैं। अन्य गांवों के नक्शा और खतौनी भी अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
इन गांवों की अपडेट होनी हैं खतौनी
चकबंदी आयुक्त ने छिबरामऊ तहसील के प्रानपुर पल्यौरा, करमुल्लापुर, खोजीपुर, कुंवरपुर जनूं, असेह, पलिया बूंचपुर, भरौली सिरखनेपुर, कटिघरा, इंदुइयागंज, रोहली, भौंराजपुर, विशुनपुर हासिलपुर, डालूपुर सुल्तानपुर, हरिवल्लभपुर, विशुनगढ़, बौथम, मुर्रा, खड़िनी, बौसिया, तिर्वा तहसील के अरुहो, मोहद्दीनगर, खरगपुर बिलंदपुर, एराहो, हसेरन व रौसा गांव की सूची खतौनी अपडेट करने के लिए जिला मुख्यालय पर भेजी थी।