स्टाफ नर्स से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेती कायाकल्प टीम।
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छिबरामऊ(कन्नौज)। नगर के सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय में कायाकल्प सर्वे खानापूरी साबित हुआ। टीम ने अस्पताल की लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे कक्ष और वैक्सीनेशन सेंटर नहीं देखा। वहीं सर्वे पूरा होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मंगलवार को सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय में कायाकल्प सर्वे के लिए टीम के सदस्य हरदोई से डॉ. दिलीप जायसवाल, फतेहपुर से डॉ. विमल चौरसिया, कानपुर से डॉ. दुर्गेश मिश्रा पहुंचे। टीम ने अस्पताल के मुख्य गेट से सर्वे शुरू किया। इसके बाद बायो मेडिकल बेस्ट, हर्बल गार्डन, ऑक्सीजन प्लांट और लांड्री देखी। ऑक्सीजन प्लांट के पास घास उगी थी। रसोई के निरीक्षण में रसोइया पान मसाला खाए मिला। मास्क नहीं लगाया था। सिर पर कैप भी नहीं थी। टीम ने रसोइया पर मसाला खाने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। यहां से टीम स्टोर, औषधि वितरण कक्ष, इमरजेंसी व गायनी के अलावा पहली मंजिल पर बने जीका वार्ड और ऑपरेशन थियेटर पहुंची।
इमरजेंसी वार्ड में टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। सीएमएस के कार्यालय में अस्पताल के अभिलेख चेक किए। टीम ने अस्पताल की लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे कक्ष और वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण नहीं किया। तीन घंटे में सर्वे पूरा कर टीम रवाना हो गई। टीम अपनी रिपोर्ट लखनऊ में एनएचएम के मिशन डायरेक्टर को सौंपेगी। सर्वे के दौरान सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी, डॉ. मनीष तिवारी, डॉ. शोभित भारद्वाज, क्वालिटी के जिला परामर्शदाता सुनील प्रजापति, डॉ. अर्पित कटियार आदि रहे।
सफाई कर्मियों के पास नहीं मिले प्लास्टिक के ग्लव्स
कायाकल्प टीम के सर्वे के दौरान कई सफाई कर्मी यूनिफार्म में नहीं मिले। कुछ ने कंपनी की ओर से दिए गए प्लास्टिक के जूते और ग्लव्स नहीं पहने थे। इस पर टीम ने कड़ी फटकार लगा दी।