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पांच माह बाद स्कूलों में गूंजा ‘क’ से कबूतर

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कंपोजिट विद्यालय सरायमीरा में पढ़ाई करते बच्चे। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज/ छिबरामऊ। कोरोना संक्रमण काल के बाद बुधवार को खुले विद्यालयों में बच्चे उत्साह के साथ पहुंचे। इस दौरान बच्चों का तिलक कर स्वागत किया गया। मास्क भी बांटे गए। बंदी के पांच माह बाद स्कूलों में ‘क’ से कबूतर और ‘ख’ से खरगोश गूंजा। वहीं कन्नौज के ज्यादातर स्कूलों में छात्राएं-छात्र बिना मास्क के पहुंचे। कई जगह बच्चों को माला पहनाकर स्वागत किया गया। विद्यार्थियों की संख्या कम ही रही। दूसरी शिफ्ट को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने से इस पाली में ज्यादातर स्कूल बंद रहे। बीएसए का कहना है कि जिले के सभी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति औसतन लगभग 60 फीसदी रही।
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अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखा। बच्चों को घर से मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया। प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुर में बच्चों के स्वागत के लिए गेट पर रंगोली बनाई गई। प्रधानाध्यापक पूजा पांडेय ने तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया। अपने पास से व्यवस्था कर बच्चों को किताबों का वितरण किया। 234 बच्चे उपस्थित रहे। मिडडे मील के दौरान बच्चों के बैठने का विशेष ध्यान रखा गया।
नगला दिलू के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक रेखा त्रिपाठी ने बच्चों को मास्क बांटे। इनके हाथों को सैनिटाइज कराया। दोपहर का भोजन हर कक्षा में अलग-अलग किया गया। बच्चों ने उत्साह के साथ पढ़ाई की। वहीं बीईओ सुनील कुमार दुबे ने विद्यालयों में शिक्षण कार्य का जायजा लिया। प्राथमिक विद्यालय पलिया बूंचपुर में बच्चों के साथ बैठकर मिडडे मील खाया।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी केके ओझा ने बताया कि पहले दिन हाजिरी लगभग 60 फीसदी रही। सभी छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन दिया गया। जिले के आठों विकास खंडों में बीआरसी ने प्राथमिक स्कूलों की जांच की। सभी स्कूल खुले मिले। बुधवार को कुछ किताबों की आपूर्ति हुई है। सभी आपूर्तिकर्ताओं से बात की जा रही है। इस सप्ताह में सभी किताबें आ जाएंगी। इसके बाद वितरण शुरू किया जाएगा।
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