मानीमऊ(कन्नौज)। सदर कोतवाली के नेरा गांव में गुरुवार देर रात 70 साल की वृद्धा के साथ दिल दहला देने वाली घटना हुई। दरिंदे ने सोते समय वृद्धा के चेहरे पर ईंट, वजनी चीज और धारदार हथियार से कई वार किए। हमले में गाल कट गए। दोनों आंखें सूज गईं। नाजुक अंग में डंडा का प्रयोग हुआ। खून का रिसाव बंद न होने से वृद्धा को कानपुर (हैलट) रेफर कर दिया गया। यहां वह आईसीयू में है। दरिंदे वारदात के बाद सोने का बाला व चांदी की तोड़ियां ले गए। परिवार लूट के चक्कर में वारदात होना बता रहा है। वहीं पुलिस इसे पारिवारिक या गांव की किसी रंजिश के नजरिये से भी देख रही है। घटनास्थल पर पहुंचकर एसपी प्रशांत वर्मा, सीओ शिव प्रताप सिंह व फोरेंसिक टीम ने छानबीन की है।
मानीमऊ चौकी इलाके का नेरा गांव मुख्यालय से करीब दस किमी दूर है। यहां रहने वाली लघुश्री उर्फ लौंगश्री(70) के पति सिपाही लाल की कई साल पहले मौत हो चुकी है। यह अपने बेटे संजय कटियार, बहू मनोरमा, पौत्र अंकित, पौत्री हर्षी, बेटी अनुराधा के साथ रहती हैं। बेटे संजय ने बताया कि वह पानी लगाने खेत में गए थे। मां मवेशी की निगरानी के लिए घर से करीब 100 मीटर दूर बने पशुबाड़ा में मच्छरदानी लगाकर चारपाई पर सोई थीं। सुबह मच्छरदानी अस्त व्यस्त मिली। लौंगश्री खून से लथपथ पड़ी थीं। सांस चल रही थी। इससे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉ. वीके शुक्ला ने प्राथमिक इलाज किया। नाजुक अंग से खून का रिसाव बंद न होने की वजह से चंद मिनट बाद कानपुर (हैलट )के लिए रेफर कर दिया गया।