फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kannauj News: नीलू की जमानत रद्द, पॉक्सो कोर्ट में फिर किया सरेंडर

विज्ञापन
विज्ञापन
कन्नौज। किशोरी दुष्कर्म कांड के सह आरोपी नीलू यादव के जामिनदारों ने कोर्ट में अर्जी देकर जमानत वापस ले ली, जिससे उसे फिर सरेंडर करना पड़ा। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। अब आरोप तय करने के लिए 15 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। 27 सितंबर को पॉक्सो कोर्ट ने उसे जमानत पर जेल से रिहा कर दिया था, तब से वह फरार चल रहा था और पुलिस की पांच टीमें उसकी तलाश में जुटीं थीं। बृहस्पतिवार को वह एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में पहुंच गया।
विज्ञापन


जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में बने पॉक्सो कोर्ट में नीलू यादव सुबह अपने वकील और जामिनदारों के साथ पहुंचा और सरेंडर कर दिया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी नीलू यादव के जामिनदारों ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था कि वह जमानत वापस लेना चाहते हैं, जिसके लिए वह मुल्जिम नीलू यादव को कोर्ट में हाजिर कर रहे हैं। कोर्ट ने उनकी अर्जी को स्वीकार कर नीलू यादव को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार भेज दिया।

उन्होंने बताया कि किशोरी दुष्कर्म कांड में साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपी नीलू यादव की पॉक्सो कोर्ट से जमानत मंजूर की गई थी और उसे 27 सितंबर को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। बाद में उसके जामिनदारों ने कोर्ट से गुहार लगाई कि वह जमानत लेने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में उसे कोर्ट में फिर समर्पण करना पड़ा। अब 15 अक्टूबर को चार्जशीट पर सुनवाई होगी, जिसमें मुख्य आरोपी नवाब सिंह यादव, सह आरोपी नीलू यादव व पीड़िता की बुआ पर आरोप तय किए जाएंगे। उसके दोबार सरेंडर होने से अब नवाब सिंह यादव की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं।
विज्ञापन


इनसेट

गैंगस्टर के मामले में भी वांछित था नीलू

पॉक्सो और हत्या के प्रयास के मकदमों में जमानत मिलने के बाद नीलू यादव के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में वह वांछित था और पुलिस की पांच टीमें उसकी तलाश में जुटीं थीं। 30 सितंबर को चार्जशीट पर सुनवाई होनी थी, लेकिन नीलू ने अपने वकील के माध्यम से बीमारी का प्रार्थना पत्र देकर हाजिरी माफी लगवा दी थी, जिससे उसका वारंट जारी नहीं किया गया था। पिछली बार की तरह इस बार भी वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा और पुलिस की नजरों से बचकर कोर्ट तक पहुंच गया।

इनसेट

तीन सितंबर के बाद अब तीन अक्टूबर

पूर्व ब्लॉक प्रमुख नीलू यादव ने पॉक्सो मामले में तीन सितंबर को कोर्ट में सरेंडर किया था। एक माह में ही उसे दोनों मामलों में जमानत मिल गई और 27 सितंबर को जेल से रिहा भी हो गया लेकिन जामिनदारों द्वारा जमानत वापस लेने के कारण तीन अक्टूबर को उसे दोबारा सरेंडर करना पड़ा। एक माह के अंतराल में कई घटनाक्रम हुए, जिसमें हर बार नीलू पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। जेल से छूटने के बाद भी वह पुलिस को गच्चा देकर भागने में सफल रहा था।

इनसेट

बी वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी देगी पुलिस

आरोपी नीलू यादव के जेल जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। अब गैंगस्टर के मामले में पुलिस बी वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट की विवेचना कर रहे गुरसहायगंज कोतवाल आलोक कुमार दुबे न्यायालय में बी वारंट के लिए अर्जी दाखिल करेंगे। जेल से बाहर आने के लिए अब नीलू को दोनों मामलों में जमानत करवानी होगी। मतलब साक्ष्यों से छेड़छाड़ व गैंगस्टर में जमानत मिलने के बाद ही उसके जेल से बाहर आने की संभावना बन पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें