कन्हैया लाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में पास होने के बाद खुशी मनाते बच्चे।
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कन्नौज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शनिवार को हाईस्कूल और इंटर का परिणाम घोषित कर दिया। कोरोना के चलते पहली बार बिना अंतिम परीक्षा कराए परिणाम घोषित हुआ है। 90 प्रतिशत से अधिक अंक आने पर छात्र-छात्राओं ने दोस्तों और परिवार के साथ खुशी मनाई। इस बार भी लड़कियों का दबदबा कायम रहा। प्रदेश और जिला स्तर पर मेरिट तैयार न होने पर मेधावी छात्र-छात्राओं में निराशा देखी गई।
जिले में हाईस्कूल में 27509 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से शत प्रतिशत के पास हो जाने का दावा किया गया है। यानी 10 वीं में पास होने का प्रतिशत 99.53 रहा। यह पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है। पिछले साल 24026 छात्रों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। इसमें 20153 पास हुए थे। इनके पास होने का प्रतिशत 83.88 था। तब 79.63 प्रतिशत लड़के और 89.14 प्रतिशत लड़कियां पास हुई थीं। लड़कों की तुलना में लड़कियां इस बार भी आगे रहीं।
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 23487 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें पास होने का प्रतिशत 97.88 रहा। पिछले साल 79.65 प्रतिशत लड़के और 87.87 प्रतिशत लड़कियां पास हुई थीं। लड़काें की तुलना में लड़कियां इस बार भी आगे रहीं। पिछले साल 20897 छात्रों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। इनमें 17355 पास हुए थे। इनका पास होने का प्रतिशत 83.05 था।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र बाबू ने बताया कि कोविड-19 के चलते इस साल यूपी बोर्ड की 10 और 12 की परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। बोर्ड ने ऑब्जेक्टिव इवैल्यूएशन क्राइटेरिया के आधार पर रिजल्ट बनाया गया है। मूल्यांकन योजना के अनुसार अंकों से संतुष्ट न होने वाले आवेदन कर परीक्षा दे सकते हैं।
वहीं शनिवार को साढ़े तीन बजे रिजल्ट घोषित होते ही साइबर कैफे पर छात्रों का जमावड़ा शुरू हो गया। इनमें रजिस्ट्रेशन नंबर देकर रिजल्ट देखने की उत्सुकता देखी गई। मोबाइल पर भी रिजल्ट देखा गया। परिवार व आस पड़ोस के लोगों का बधाई देने का सिलसिला रात तक चला।