छिबरामऊ(कन्नौज)। सौ शय्या अस्पताल के पैरामेडिकल स्टाफ पर संविदा समाप्ति की तलवार लटकी हुई है। शनिवार को सीएमएस ने इन स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याएं सुनीं। इनके निराकरण का भरोसा दिलाया। सीएमएस ने बताया कि उन्होंने सभी स्टाफ नर्सों की सेवा जारी रखने 30 पदों की स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा है।
शनिवार को सौ शय्या अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने स्वास्थ्य कर्मियों को बुलाया। इन्होेंने बताया कि शासन से स्टाफ नर्स के 15 पद स्वीकृत हैं। यहां पर 27 पुरुष और महिला स्टाफ नर्स कार्यरत हैं। ऐसे में 12 स्टाफ नर्सों और 52 स्वास्थ्य कर्मियों की नौकरी पर संकट है। अस्पताल में घूम रहे दलाल स्वास्थ्य कर्मियों से रुपयों की मांग कर रहे हैं। छह माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे घर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। समस्याएं बताते समय स्वास्थ्य कर्मियों के आंसू छलक पड़े।
सीएमएस ने बताया कि नई सेवा प्रदाता कंपनी से स्टाफ नर्स की नई नियुक्ति न करने के लिए बात कर ली है। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
कर्ज लेकर ढाई लाख दिए, तब मिली नौकरी....अब कहां जाएं
कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि स्टाफ नर्स की नौकरी पाने के लिए घर के जेवर गिरवी रखकर ढाई लाख रुपये दिए थे। अभी तक मानदेय का एक रुपया नहीं मिला है। सूदखोर ब्याज भरने के लिए दबाव बना रहा है। दूसरी तरफ नौकरी पर तलवार लटक गई है। ऐसे में अब वह कहां जाएं। मौत को गले लगाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। कुछ स्वास्थ्य कर्मियों का कहना था कि उन्होंने सुसाइड नोट लिख लिया है। नौकरी गई तो वह आत्महत्या कर लेंगे।
पैरामेडिकल स्टाफ ने खटखटाया पूर्व राज्यमंत्री का दरवाजा
सौ शय्या अस्पताल में आउटसोर्सिंग पर तैनात पैरामेडिकल स्टाफ का मामला दो कंपनियों के बीच फंस गया है। इन्होेंने मदद के लिए पूर्व राज्यमंत्री का भी दरवाजा खटखटाया। स्वास्थ्य कर्मियों ने पूर्व राज्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई। छह माह का बकाया मानदेय दिलाने की फरियाद लगाई। पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने आवास पर मांगपत्र लेने के बाद मानदेय दिलाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान बबली, प्रियंका, शिल्पी, प्रीती, कल्पना, शालू, अर्चना, संगीता, सोनाली, नीतू, आरती, वंदना, रंजना, अंशू, गुड़िया, विवेक, वीरेंद्र, प्रत्यूष, अमित, अनन्या, पवन, कामिनी व मोनिका सहित कई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।