लेखपालों और कर्मचारी संगठन के प्रमुखों से वार्ता करते कमिश्नर सुभाषचंद्र शर्मा, आईजी मोहित अग्?
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। 24 सितंबर को कलक्ट्रेट में लेखपालों और वकीलों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद लेखपालों की जारी हड़ताल में शाम होते-होते नया मोड़ आ गया। लेखपाल की राय बंट गई। कमिश्नर सुभाषचंद्र शर्मा और आईजी मोहित अग्रवाल से हुई वार्ता के बाद कन्नौज लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष ने घोषणा की है कि अपनी मांगों को पूरा करने के लिए अफसरों को 14 दिन का समय दिया गया है। हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। लेखपालों और समर्थन दे रहे अन्य कर्मचारी संगठनों से वार्ता के बाद कमिश्नर ने भी हड़ताल स्थगित होने की बात कही है। उधर, लखनऊ में लेखपालों की प्रांतीय बैठक में हिस्सा लेने गए कन्नौज लेखपाल संघ के जिला मंत्री ने हड़ताल जारी रखने की बात कही है।
24 सितंबर को कलक्ट्रेट में हुई घटना के बाद 25 सितंबर को कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा और आईजी मोहित अग्रवाल ने लेखपालों और वकीलों से वार्ता शुरू की थी। दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े थे। लगातार तीसरे दिन भीदोनों अफसर कन्नौज पहुंचे। इन्होंने तीसरे चरण की वार्ता लेखपालों से की। कमिश्नर और आईजी ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक सविता, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय नारायण सिंह व कुछ अन्य पदाधिकारियों के साथ डीएम कार्यालय में वार्ता की। अभी तक हुई कार्रवाई को रखते हुए हड़ताल स्थगित करने की अपील की। करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने हड़ताल को 14 दिन के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इसकी जानकारी कमिश्नर, आईजी, जिलाधिकारी रवींद्र कुमार और एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह को दी गई।
उधर, लखनऊ में प्रांतीय संगठन की बैठक में शामिल होने गए लेखपाल संघ के जिलामंत्री शोभरन लाल भारतीय से बात की गई तो उनका कहना था कि हड़ताल स्थगित नहीं हुई है। वह अपनी पांच मांगों पर अभी भी अड़े हैं।