सीएमएस से जानकारी लेतीं डॉ. प्रियंका।
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छिबरामऊ (कन्नौज)। कायाकल्प की स्टेट टीम ने मंगलवार को सौ शय्या अस्पताल का समकक्ष मूल्यांकन (पीर असेसमेंट) किया। टीम पैथोलॉजी में लैब टेक्नीशियन के हाथ धुलने का तरीका देखकर दंग रह गई। इन्हें कड़ी फटकार लगा दी। लैब टेक्नीशियन कलाई की घड़ी और अंगूठी उतारे बिना हाथ धो रहे थे।
कायाकल्प स्टेट टीम में शामिल डॉ. प्रियंका, डॉ. सरताज अहमद और डॉ. सुनील कुमार प्रजापति मंगलवार को सौ शय्या अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में मानक के अनुसार कचरे का प्रबंधन नहीं मिला। इस पर टीम ने सुपरवाइजर को फटकार लगा दी। टीम ने इमरजेंसी, गायनी, ओपीडी, दवा वितरण, इंडोर व स्टोर का समकक्ष मूल्यांकन किया। इंडोर वार्ड में भर्ती ग्राम कपूरपुर निवासी अमन ने बताया कि बाहर मेडिकल स्टोर से दवा मंगानी पड़ रही है। एक्सरे रूम के बाहर लगा अग्निशमन यंत्र खराब मिला। अस्पताल में कई जगह गंदगी और धूल थी। इमरजेंसी वार्ड के बाहर दीवार पर लगे पोस्टर के ऊपर ग्लव्स लटके मिले। इस पर टीम ने नाराजगी जाहिर की। डॉ. सरताज अहमद ने बताया कि टीम मूल्यांकन की रिपोर्ट बनाकर डीजी स्वास्थ्य लखनऊ को भेजेगी।
जुलाई माह में हुआ था आंतरिक मूल्यांकन
सौ शय्या अस्पताल में जुलाई माह की शुरुआत में जनपद स्तरीय टीम ने आंतरिक मूल्यांकन किया था। 70 से अधिक नंबर होने पर अब समकक्ष मूल्यांकन किया गया है। समकक्ष मूल्यांकन में पास होने पर केंद्रीय टीम इसका बाह्य मूल्यांकन करेगी। इसमें मिलने वाले अंकों के आधार पर अस्पताल का मूल्यांकन किया जाएगा।
2019 में अव्वल आया था अस्पताल
सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय साल 2019 के कायाकल्प सर्वेक्षण में प्रदेश में अव्वल आया था। इसके चलते अस्पताल को 30 लाख रुपये का इनाम मिला था।