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कन्नौज: परियोजना अधिकारी की प्रताड़ना से तंग प्रधान सहायक फांसी पर झूला, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

Fri, 03 Dec 2021 02:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

कन्नौज के तेराजाकेट में ब्लॉक में कार्यरत प्रधान सहायक अशोक कुमार सविता (52) को तीन माह से वेतनि मिलने के कारण पीड़ित ने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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धरने पर बैठे परिजनों को समझाते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कन्नौज के तेराजाकेट में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक (पीडी) की प्रताड़ना से परेशान ब्लाक कर्मी ने सरकारी आवास में सुसाइड नोट लिखने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इस दौरान साथी ब्लाक कर्मियों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।  देर रात पुलिस ने मृतक के पुत्र की तहरीर पर पीडी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की है। 
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जनपद बलिया के उभाव थाने के ग्राम टगुनिया निवासी अशोक सविता कन्नौज विकास खंड मुख्यालय में प्रधान सहायक के पद पर तैनात थे। बीते काफी समय से तालग्राम विकास खंड परिसर में बने सरकारी आवास में रहते थे। रात नौ बजे ब्लाक कर्मियों के साथ टहलने के बाद वह आवास में सोने चले गए। सुबह आठ बजे तक आवास का दरवाजा न खुलने पर ब्लाक कर्मी प्रमोद ने आवाज देकर बुलाया। अंदर से प्रतिक्रिया न देख उन्होंने धक्का देकर दरवाजा खोला। अशोक का शव कमरे की छत पर लगे कुंडे से फंदे पर झूल रहा था। सभी ब्लाक कर्मी आवास के बाहर एकत्रित हो गए।

इसी बीच सरायप्रयाग चौकी इंचार्ज प्रशांत गौतम पुलिस बल के साथ पहुंच गए। शव को नीचे उतरवाया। कमरे में ही मेज पर रखे सुसाइड नोट को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। गुरसहायगंज कोतवाल राजकुमार सिंह ने ब्लाक कर्मियों के आक्रोश को देखते हुए कोतवाली भिजवाने के लिए शव को पिकअप वाहन में रखवा दिया। इस पर ब्लाक कर्मी संजीव यादव, स्थापना लिपिक विनय मिश्रा से नोकझोंक शुरू हो गई। डीडीओ नरेंद्र कुमार ने कर्मचारियों को समझा बुझाकर शांत किया।
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हंगामे के बाद सार्वजनिक किया गया सुसाइड नोट
ग्राम विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजीव यादव के नेतृत्व में ब्लाक कर्मियों ने सुसाइड नोट सार्वजनिक करने की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख सुसाइड नोट पढ़कर सुनाया गया। ब्लाक कर्मी अखिलेश, संतोष, आशुतोष, विनय मिश्रा, विमल दुबे, गिरजेश तिवारी, ललित कांत, रवि प्रताप सिंह आदि कर्मचारी धरने पर बैठे। दोषी के खिलाफ कार्रवाई एवं सुसाइड नोट सार्वजनिक होने के बाद सीडीओ आरएन सिंह ने कर्मचारियों का धरना समाप्त कराया।

सरकारी आवास खाली कराने की दे रहे थे धमकी
आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में अशोक सविता ने लिखा है कि पीडी सुशील कुमार के पास कन्नौज ब्लाक के बीडीओ का अतिरिक्त चार्ज है। वे लगातार तालग्राम ब्लाक का सरकारी आवास खाली कराने का दबाव बना रहे थे। इसी कारण तीन माह से वेतन भी नहीं दिया गया था। तीन दिन से अस्वस्थ होने के कारण अशोक ड्यूटी पर नहीं जा रहे थे। आत्महत्या से पहले गुरुवार को साथी कर्मचारियों को पीडी की प्रताड़ना की जानकारी देते हुए फफक कर रोए थे। 
 
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पीडी को सुनाई खरी खोटी
अशोक सविता के आत्महत्या किए जाने की जानकारी होने पर सबसे पहले पीडी सुशील कुमार सिंह ही तालग्राम ब्लाक परिसर में पहुंचे। उस समय कोतवाल राजकुमार सिंह मौजूद थे। सचिव विमल दुबे, स्थापना लिपिक विनय मिश्रा ने पीडी को आत्महत्या का दोषी मानते हुए खरी-खोटी सुनाई। स्थिति बिगड़ती देख कोतवाल राजकुमार के कहने पर पीडी वहां से चले गए।

पीडी की बात
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक सुशील कुमार सिंह का कहना है कि अशोक सविता अवस्थापना लिपिक होने के नाते खुद वेतन बनाते थे। उन्होंने किसी का भी नवंबर माह का वेतन नहीं बनाया। इधर, सात दिन से व्यस्तता के चलते मेरी मुलाकात अशोक से नहीं हुई। अलबत्ता उन्होंने 30 दिसंबर को तबीयत खराब होने का व्हाटसएप मैसेज भेजा था।

घटना दुखद है, मेरी खुद समझ में नहीं आ रहा कि सुसाइड नोट में मुझ पर क्यों आरोप लगाया गया है। अशोक ने अपना दो माह का वेतन नहीं बनाया था। पेरोल डीडीओ के पास भेजा जाता है। वे दो दिन बिना बताए अनुपस्थित थे तो मैंने कहा था कि दो दिन का स्पष्टीकरण दीजिए या फिर वेतन काट कर पेरोल तैयार कर दीजिए। 
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