छिबरामऊ। नगर के सौ शैया अस्पताल से आठ फरवरी को तीन पुरुष, पांच महिला स्टाफ नर्स के अलावा दो ओटी अटेंडेंट को निकाले डेढ़ माह का समय बीत चुका है। बिना किसी आदेश के अस्पताल में ड्यूटी कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों की वापसी की उम्मीदें धुंधली होने लगी हैं।
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने एसीएमओ डॉ. डीके आर्या व डॉ. जेजे राम से मामले की जांच भी कराई। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सीएमओ को सौंप भी दी गई। इस प्रकरण में अब कुछ भी आगे बढ़ता नजर नहीं आ रहा है। अफसर जांच रिपोर्ट में सौ शैया के अधिकारियों को दोषी करार दिए जाने की बात तो कह रहे हैं। इस पर कार्रवाई और स्वास्थ्य कर्मियों की वापसी के सवाल पर मौन धारण कर लेते हैं। सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी का कहना है कि पत्र बढ़वाने की मांग को लेकर शासन को पत्र लिखा जा चुका है। इसके अलावा तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया है।
आखिर 15 स्टाफ नर्सों से कैसे चल पाएगा अस्पताल
सौ शैया की क्षमता वाले अस्पताल में अब सिर्फ 15 स्टाफ नर्सें ही कार्य कर रही हैं, जिसमें एक पुरुष नर्स भी है। अस्पताल में इमरजेंसी, गायनी, ओपीडी के अलावा सैंपलिंग, लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, वैक्सीनेशन का कार्य होता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि 15 स्टाफ नर्सें अस्पताल की व्यवस्था को संचालित कर पाएंगी।