कन्नौज। कानपुर से कन्नौज के बीच जीटी रोड चौड़ीकरण का काम शुरू होने में आ रही अड़चन दूर हो गई है। मुआवजा बांटने के बाद इस प्रोजेक्ट को स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने मंजूरी दे दी है। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। जीटी रोड के इस हिस्से के काम पर 4400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एनएचएआई ने टेंडर संबंधी प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी करने की बात कही है। इसलिए नये साल से कानपुर से कन्नौज के बीच जीटी रोड चौड़ीकरण का काम शुरू होगा।
कन्नौज में जीटी रोड चौड़ीकरण के लिए 28 अगस्त 2018 से भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हुआ था। जमीन के विवाद सामने आने पर मुआवजा वितरण में देरी होती चली गई। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया 2018 में ही पूरी कर लेनी थी लेकिन इसे पूरा करने में वर्ष 2019 का अक्टूबर महीना तक आ गया। कानपुर आईआईटी गेट से लेकर कन्नौज के प्रेमपुर नवीगंज तक जीटी रोड चौड़ीकरण के लिए कन्नौज जिले की सीमा में आने वाले 57 गांवों के 15 हजार से अधिक किसानों की जमीन ली गई है। इन्हें 237 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल जीटी रोड चौड़ीकरण का काम कानपुर से अलीगढ़ तक होना है। करीब 274 किमी लंबे इस चौड़ीकरण के काम में जीटी रोड को सिक्स लेन करना प्रस्तावित है। कन्नौज सीमा में 65 किमी हिस्सा इसमें शामिल है। इसके लिए कन्नौज तहसील क्षेत्र के 31 और छिबरामऊ तहसील क्षेत्र के 26 गांवों को मिलाकर कुल 57 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है। जीटी रोड चौड़ीकरण के काम को तीन हिस्सों में बांटा गया था।
अलीगढ़ से मैनपुरी के बीच चौड़ीकरण के काम को जून 2018 में ही शुरू किया जा चुका है। कानपुर से कन्नौज के बीच काम शुरू करने में देरी हो गई। एसएफसी यानि स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की स्वीकृति न मिलने के कारण टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई। एसएफसी की स्वीकृति के बाद एनएचएआई ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नवंबर के अंत तक टेंडर खोले जाएंगे। दिसंबर तक निर्माण कंपनी सारी औपचारिकता पूरी करके जनवरी 2020 से काम शुरू कर सकती है। बिल्हौर से कन्नौज तक रेलवे लाइन पर आठ जगहों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। चौबेपुर में बाईपास और मंधना में एलीवेटेड हाईवे बनाया जाएगा। कानपुर से कन्नौज के बीच कुल 54 किमी लंबा बाईपास भी निकलेगा।
एनएचएआई द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के बाद भी वन विभाग लापरवाह है। वन विभाग को कुल 30759 छोटे-बड़े पेड़ों को हटाना है। इनमें 6778 बड़े और 24028 छोटे पेड़ शामिल हैं। इसके अलावा वन विभाग की 99.328 हेक्टेयर जमीन भी चौड़ीकरण में आ रही है। पेड़ों की कटाई और जमीन का मुआवजा मिलाकर वन विभाग को कुल 85 करोड़ रुपये शासन से मिल चुके हैं। अभी तक विभाग ने सिर्फ दो सौ पेड़ों की ही कटान कराई है।
पूरी योजना मुख्यमंत्री की निगरानी में होने के बाद भी अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। बिजली विभाग से रिवाइस स्टीमेट मांगे हुए करीब आठ माह का समय बीत गया है लेकिन अभी तक विभाग स्टीमेट तक तैयार नहीं कर सका है। एनएचएआई ने जीटी रोड़ चौड़ीकरण में बाधक बने बिजली पोलों और अंडरग्राउंड केबिलों को शिफ्ट करने के लिए रिवाइज स्टीमेट विभाग से मांगा है। बिजली विभाग ने पिछले वर्ष मार्च-अप्रैल में 11 करोड़ 87 लाख 64 हजार 136 रुपये की मांग शासन से की थी। विभाग को 1483 बिजली के पोल और 73 अंडरग्राउंड क्रासिंग को शिफ्ट करने का काम करना है। पांच फीसदी सुपरविजन चार्ज जमा न करने से बिजली विभाग ने दो बार रिमाइंडर भेजकर नेशनल हाइवे से पैसों की मांग की थी। मार्च 2019 में एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने एक्सईएन विद्युत को पत्र भेज कर नया स्टीमेट दोबारा सर्वे कर मांगा था। इस पर बिजली विभाग के जेई व नेशनल हाइवे के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सर्वे किया। सर्वे में पाया गया कि पहले की अपेक्षा कई नई बिजली की लाइनें व अंडरग्राउंड केबिल डाली जा चुकी हैं। उसकी धनराशि के अलावा करीब 10 फीसदी अतिरिक्त धनराशि का स्टीमेट तैयार करने की बात बिजली विभाग ने कही थी। एक्सईएन शादाब अहमद ने बताया कि रिवाइस स्टीमेट तैयार किया जा रहा है। करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
जीटी रोड के चौड़ीकरण में गांगूपुर से तिलपई तक 33 केवी लाइन के 3.3 किमी में 86 पोल हटेंगे। एचटी लाइन के 16.5 किमी में 424 पोल, एलटी लाइन के 2.8 किमी में 70 पोल हटाए जाएंगे। छिबरामऊ क्षेत्र में आशा कोल्ड स्टोरेज से रजलामऊ तक 33 केवीए के 253 पोल, एचटी लाइन के 440 पोल और एलटी लाइन के 210 पोलों को हटाया जाएगा। अंडरग्राउंड क्रासिंग में 33 केवी की छह अंडरग्राउंड क्रासिंग, एचटी लाइन की 44 अंडरग्राउंड क्रासिंग व एलटी अंडरग्राउंड लाइन की 23 क्रासिंग को हटाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट की जाएंगी। इस काम को करने में करीब डेढ़ से दो माह का वक्त लगेगा। ऐसे में विद्युत आपूर्ति भी बाधित रहेगी।
कानपुर से अलीगढ़ होते हुए दिल्ली पहुंचने के लिए जीटी रोड सबसे सीधा रूट है। जीटी रोड होकर लोग बेबर, मैनपुरी, इटावा के लिए भी निकलते हैं। बरसात के दिनों में यह रोड गड्ढों में तब्दील हो जाती है। हालांकि अभी जीटी रोड दुरुस्त की जा चुकी है। कई जगहों पर अतिक्रमण के कारण जीटी रोड सकरी हो गई है। जगह-जगह बनी पुलिया भी कम चौड़ी हैं। इससे अक्सर जाम लगता है। जीटी रोड चौड़ा होन के बाद कानपुर से दिल्ली के बीच का सफर कम समय में पूरा किया जा सकेगा।
स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की स्वीकृति मिल गई है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि इसके बाद निर्माण कंपनी अपना काम शुरू कर देगी। दिसंबर 2021 तक चौड़ीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रयास रहेगा कि काम निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया जाए।
- गौरव गुप्ता, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।