काली नदी के पानी में डूबी कटरी के किसानों की खेती।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। चेतावनी बिंदु पार करने के बाद अब गंगा का जलस्तर घटने लगा है। इससे कटरी के लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं काली नदी उफान पर है। काली नदी का पानी कटरी इलाके के खेतों और खलिहानों में घुस रहा है। नदी के पानी के दबाव से कई जगह सड़क और पटरियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। करीब आठ गांवों के किसानों की 500 सौ बीघा फसल डूब गई है।
24 घंटे में गंगा का जलस्तर तीन सेंटीमीटर कम हुआ है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 124.970 पार कर 125.050 सेंमी पर पहुंच गया था। इससे कटरी के लोगों में दहशत बढ़ गई थी। शनिवार शाम करीब चार बजे गंगा का जलस्तर 125.020 सेंटीमीटर रिकार्ड दर्ज किया गया। अब नरौरा बांध से पानी छोड़ा जाता है तो गंगा का जलस्तर फिर बढ़ जाएगा। वहीं काली नदी में बरसाती और नहरों के पानी से उफान के हालात हैं। आमतौर पर काली नदी उफान नहीं पकड़ती है। इस बार काली नदी उफान पर है। कटरी इलाकों में काली नदी का पानी तेजी से घुस रहा है।
जिला मुख्यालय से सटे गांव अलियापुर, जुकैया, गुमटियां, जलालपुर अमरा और चौराचांदरपुर में काली नदी के बहाव से सड़कों पर कटान होने लगा है। तैयार खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। एसडीएम सदर अपूर्वा यादव ने बताया कि गंगा का जलस्तर कम हो गया है। इसके बाद भी कटरी के लोगों की समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों की टीमों को भेजा जा रहा है।