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सौ शय्या में शोपीस बनकर रह गई एलाइजा मशीन, कंपनी, इंजीनियर और सप्लायर का नहीं मिल रहा नंबर

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एलाइजा रीडर को चेक करते पैथोलॉजिस्ट डॉ. जय विजय तिवारी। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के मकसद से सौ शय्या अस्पताल का निर्माण कराया गया है। खून की जांच के लिए कई मशीनें उपलब्ध कराई गई थीं। एलाइजा का रीडर और वाशर शोपीस बनकर रह गया है। इंस्टाल न होने से यह मशीनें काम नहीं कर रही हैं। कंपनी, इंजीनियर और सप्लायर का नंबर न होने से इंस्टाल में दिक्कत आ गई है।
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बुधवार को सौ शय्या अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. जय विजय तिवारी ने स्टोर में रखे एलाइजा रीडर और वाशर को निकलवाकर चेक किया। यह दोनों मशीनें इंस्टाल नहीं हैं। मशीन की डिटेल चेक की गई। इसमें भेजने वाली कंपनी, इंजीनियर और सप्लायर का नंबर नहीं मिला। मशीन के बिल बाउचर भी अस्पताल में नहीं हैं। इससे पता लग सके कि इन्हें कहां से मंगाया गया है। पिछले छह साल से शोपीस बनी मशीनें कबाड़ होने की नौबत में पहुंचने लगी हैं। इंजीनियर, सप्लायर और कंपनी का नंबर नहीं मिला तो इनके इंस्टाल होने की उम्मीद लगभग खत्म हो जाएगी। इस मसले पर अस्पताल के जिम्मेदारों के पास संतोषजनक जवाब नहीं है। जिम्मेदार एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
यूपीएस के इंतजार में है सीबीसी मशीन
सौ शय्या अस्पताल में सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) की जांच के लिए सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने गुगरापुर से मशीन उपलब्ध कराई थी। 25 सितंबर को इसका फ्यूज खराब हो गया। इंजीनियर ने यूपीएस आने तक मशीन को सही करने से इनकार कर दिया। सीएमएस पिछले एक माह से जेम पोर्टल पर यूपीएस आर्डर करने की बात कह रहे हैं। इनका दावा अभी तक हकीकत पर खरा नहीं उतरा है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को निजी पैथोलॉजी की शरण लेनी पड़ रही है।
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दो दिन में उपलब्ध करा दिया जाएगा यूपीएस: सीएमओ
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि यूपीएस उपलब्ध कराने के लिए सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी को निर्देश दिए हैं। दो दिन के अंदर जेम पोर्टल से आर्डर कर यूपीएस मंगा लिया जाएगा। मरीजों की सीबीसी जांच शुरू हो जाएगी।
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