कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला रखती हैं। वहीं, सजना की सजनी को सजाने के लिए इत्रनगरी के बाजार सज गए हैं। बाजारों में महिलाओं ने खरीदारी शुरू कर दी हैै। नेल पालिश से लेकर साज-सज्जा के सभी सामानों की बिक्री में इजाफा है। बुधवार को करवाचौथ है, बाजारों में रौनक नजर आ रही है। बाजारों में हर वैराइटी के सामान उपलब्ध हैं।
ब्यूटी पार्लरों ने बुकिंग लेनी बंद की
प्रीति ब्यूटी पार्लर की संचालिका दीपा कटियार ने बताया कि कई दिन से लहंगा व मेहंदी के लिए बुकिंग हो चुकी है। लहंगा का किराया 1500 से 1800 रुपये है। वहीं मेहंदी 500 से 800 रुपये में लगाई जाएगी। फुल ब्यूटी पार्लर का 2800 से लेकर 4000 रुपये में है। इसमें लहंगा, मेहंदी और साज सज्जा शामिल है। शहर में लगभग सभी ब्यूटी पार्लर बुक हो चुके हैं। रविवार से लगभग सभी ब्यूटी पार्लरों ने बुकिंग लेना बंद भी कर दिया है।
डिजाइनिंग साड़ी की डिमांड
दुकानों पर साड़ियां खरीदने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ लगी रही। दुकानदार राजेश कुमार ने बताया कि महिलाएं करवाचौथ पर स्पेशल साड़ी में गहरे रंग ज्यादा पसंद कर रही हैं। उसमें भी बैगनी, सुर्ख लाल, मैरून रंगो को पसंद किया जा रहा है। कई महिलाएं गहरे रंग के साथ वजनदार साड़ियां खरीद रही हैं, तो कई महिलाएं हल्के कपड़े में हल्के रंग की साड़ियां ही पसंद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अच्छी साड़ी एक हजार से लेकर 1500 से मिल जाती है। बाजार में एक हजार से लेकर 10 हजार तक की साड़ियां भी उपलब्ध हैं, जिनकी खरीदारी भी हो रही है।
मटका से लेकर गट्टा तक की सज गईं दुकानें
फुटपाथों पर करवाचौथ पर पूजन सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं। वहां गटिया, चूरा, गट्टा, खील, कलेंडर आदि सजे हैं।
करवा चौथ व्रत की पूजन सामग्री
कन्नौज। आचार्य पंडित पवन शुक्ला ने बताया कि सुहागिन माताओं-बहनों को पूजा के समय पूजा सामग्री में कुमकुम, शहद, अगरबत्ती, पुष्प, कच्चा दूध, शक्कर, शुद्ध घी, दही, मेहंदी, मिठाई, गंगाजल, चंदन, चावल, सिंदूर, मेंहदी, महावर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, मिट्टी, चांदी, सोने या पीतल आदि किसी भी धातु का टोंटीदार करवा व ढक्कन, दीपक, रुई, कपूर, गेेहूं, शक्कर का बूरा, हल्दी, पानी का लोटा, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, अठावरी, हलुआ, रखना चाहिए। आचार्य ने बताया पूजा के समय माताओं - बहनों को दक्षिणा के लिए रुपये भी निकालने चाहिए।
पूजा का शुभ-मुहुर्त और चंद्रोदय का समय
पंडित पवन शुक्ला ने बताया कि 2016 में करवा चौथ के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 43 मिनट से 06 बजकर 59 मिनट तक है। करवा चौथ के दिन चंद्रोदय रात 08.51 बजे का है।
करवा चौथ पूजा विधि
पंडित पवन शुक्ला ने बताया कि नारद पुराण के अनुसार इस दिन भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। करवा चौथ की पूजा के लिए बालू या सफेद मिट्टी की एक वेदी बनाकर भगवान शिव व देवी पार्वती, स्वामी कार्तिकेय, चंद्रमा एवं गणेशजी को स्थापित कर उनकी पूजा करनी चाहिए। पूजा के बाद करवा चौथ की कथा सुननी चाहिए व चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से अपने पति को देखना चाहिए। पति के हाथों से ही पानी पीकर व्रत खोलना चाहिए। वेदानुसार व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ के दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है। इस दिन बिना चंद्रमा को अर्घ्य दिए व्रत तोड़ना अशुभ माना जाता है।