तालग्राम। दो दिन से छाए बादल और गुरुवार को सुबह बूंदाबांदी से ठंड बढ़ गई है। इससे तापमान में भी गिरावट आई है। आलू, सरसों के साथ ही सेम, मटर, चना फसल के लिए यह बूंदाबांदी नुकसानदायक है। इससे इन फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं गेहूं फसल के लिए बारिश फायदेमंद है।
हल्की बारिश से आलू, सरसों सहित दलहन की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई। किसान वीरेंद्र कुमार, रमेशचंद्र, रघुवीर सिंह, प्रदीप कुमार का कहना है कि इस बूंदाबांदी व हल्की बारिश से आलू फसल में अगेती झुलस रोग लगने की संभावना है। सरसों, सेम में माहू कीट लग सकता है। मटर फसल को भी नुकसान हो सकता है। इस बार फसल अच्छी है, लेकिन बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार गुरुवार अधिकतम तापमान 20 डिग्री रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा, जिससे लोग ठंड से परेशान रहे।
आलू की फसल में अगेती झुलसा रोग की संभावना
कृषि मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव का कहना है कि आलू, सरसों के अलावा अन्य दलहन और तिलहन के फसलों में रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है। आलू की फसल में अगेती झुलसा की संभावना है। मैकोंजिब व कर्बिडाजिंम का दस दिन के अंतराल पर पौधों की पत्तियां से ओस वह पानी सूख जाने पर छिड़काव करें। सरसों में माहू कीट के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लें।