छिबरामऊ। विशुनगढ़ कस्बा स्थित धीरपुर गांव में रविवार को दफनाने के लिए कब्र खोदने का एक युवक ने विरोध कर दिया। युवक ने इस जमीन पर अपना पट्टा होना बताया। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार अभिमन्यु कुमार व सीओ शिव कुमार थापा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों में आपसी समझौते के बाद गड्ढा खोदकर शव को वहीं पर दफना दिया गया।
मोहल्ला छपट्टी निवासी लियाकत हुसैन (70) का शव दफनाने के लिए रविवार को गांव के लोग धीरपुर गांव स्थित कब्रिस्तान पर ले गए। लोगों ने कब्रिस्तान में कब्र खोदना शुरू किया, तभी वहां पहुंचे गांव के मनीष यादव ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों में गहमा-गहमी शुरू हो गई। माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कुछ ही देर में जिला पंचायत सदस्य के पति संदीप यादव मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद बाद तहसीलदार अभिमन्यु कुमार, सीओ शिव कुमार थापा व कार्यवाहक थानाध्यक्ष राधेश्याम जाटव फोर्स के सात मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराकर मामले को शांत कराया।
समझौते के बाद कब्र खोदकर शव को वहीं पर दफन कर दिया गया। मनीष यादव का कहना है कि जिस जमीन पर कब्र खोदी जा रही थी, उस पर उनका वर्षों पुराना पट्टा है। उन्होंने अपनी जमीन पर कब्र खोदने का विरोध किया है, कब्रिस्तान पर नहीं। मनीष ने पट्टे को लेकर सिविल कोर्ट का आदेश भी अधिकारियों को दिखाया।
तहसीलदार अभिमन्यु कुमार ने बताया कि इस पूरे गाटा संख्या की पैमाइश के निर्देश राजस्व टीम को दिए गए हैं। राजस्व टीम सोमवार को अभिलेखों के आधार पर इस जगह की पैमाइश करेगी, जिसके बाद स्थिति साफ हो सकेगी। मालूम हो कि 1990 में फर्रुखाबाद के फूस बंगला कांड में 35 गांव के राजस्व रिकार्ड जलकर राख हो गए थे, जिसमें विशुनगढ़ भी शामिल था। अब जमीन की पैमाइश कराने के लिए पुराने अभिलेखों की तलाश की जा रही है। तहसीलदार ने बताया कि पुराना नक्शा मिल गया है, जिसके आधार पर पैमाइश कराई जाएगी।