नजरापुर। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रविवार तड़के फेरे लेते समय दूल्हे को दौरा पड़ गया। दूल्हे को चिकित्सक के पास ले जाया गया, यहां उसकी स्थिति कुछ देर बाद सामान्य हो गई। घटना के बाद दुल्हन ने शादी करने से इंकार कर दिया। इस बीच दुल्हन पक्ष के लोगों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बरातियों को बंधक बना लिया। पंचायत के बाद मामला सुलझ गया और बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुत्री की शादी ठठिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से तय की थी। शनिवार रात धूमधाम से बरात आई। द्वारचार और जयमाल की रस्म भी उत्साह और उमंग के साथ पूरी हुई। रविवार तड़के मंडप के नीचे दूल्हा-दुल्हन फेरे ले रहे थे। इसी दौरान अचानक दूल्हे को दौरा पड़ गया। उसके हाथ पैर ऐंठने लगे और वह बेहोश होकर गिर गया। आनन फानन ही दूल्हे को एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया, तो पता चला कि दूल्हे को मिर्गी का दौरा पड़ा है। इसकी जानकारी दुल्हन को हुई तो उसने शादी करने से इंकार कर दिया।
दूल्हे के परिजनों और ग्रामीणों ने बीमारी के बारे में पहले से न बताने की बात कहकर दूल्हे के पिता और उसके रिश्तेदारों को बंधक बना लिया। बाद में दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौते की कोशिश हुई, तो शादी और उसके पहले के आयोजनों में खर्च हुए एक लाख बीस हजार रुपये दूल्हे के पिता ने दुल्हन के पिता को दे दिए और फिर बरात बिना दुल्हन के ही वापस चली गई।
कोतवाली प्रभारी रामौतार का कहना है कि घटना को लेकर कोई तहरीर पुलिस को नहीं मिली है। अगर तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।