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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू

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कन्नौज। जिले में कोरोना की दूसरी लहर थमने की ओर है। नए संक्रमित मिलने का आंकड़ा गिरता जा रहा है। मौतें भी रुक गई हैं। ऐसे में स्वास्थ्य महकमे ने संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। इस लहर में बच्चों पर संकट बताया गया है। इससे फूंक-फूंक कर कदम रखे जा रहे हैं। जिले से सीएचसी-पीएचसी तक का खाका खींचा जा रहा है। तैयारी यह भी है कि गांव स्तर पर एएनएम और निगरानी समिति की भी मदद ली जाएगी।
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बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए जिले के तीन अस्पतालों में पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) सेवा शुरू की जाएगी। जिले में करीब सवा तीन लाख बच्चे चिह्नित हैं। ऐसे में मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल व 100 बेड छिबरामऊ में वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। वेंटिलेटर समेत अन्य व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की कमी जरूर खलेगी। जिले में सात डॉक्टरों की तैनाती है। इनमेें ज्यादातर संविदा पर हैं। मेडिकल कालेज में पीआईसीयू की व्यवस्था की जा रही है। इसी तरह जिला अस्पताल और सौ शय्या अस्पताल छिबरामऊ में भी तैयारी होगी।
पहले चरण में इन तीन अस्पतालों को तैयार किया जा रहा है। अगर कोरोना संक्रमण से ज्यादा बच्चों की हालत बिगड़ी तो जिले की सभी सीएचसी पर इस तरह की व्यवस्था की जाएगी। वहीं सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप का कहना है कि जिले के तीन अस्पतालों में 45 बेड की व्यवस्था की जा रही है। ऑक्सीजन से लेकर वेंटिलेटर की भी व्यवस्था होगी। बच्चे का बाल रोग विशेषज्ञ की देखरेख में उपचार किया जाएगा। वेंटिलेटर समेत अन्य सामान के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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जिले में 12 वर्ष तक के करीब सवा तीन लाख बच्चे हैं। तीसरी लहर के दौरान चपेट में आने पर तबीयत गंभीर हुई तो 45 बेड ही होने से स्थिति खराब हो जाएगी। सवा तीन लाख बच्चों पर बेड का खींचा गया खाका काफी कम है।
बच्चों के लिए तैयार हो रहे पीआईसीयू के लिए जिले में अभी तक पांच वेंटिलेटर हैं। और वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। दूसरी ओर शासन का फरमान है कि सीएचसी में भी इसी तरह के कुछ बेड की तैयारी रखी जाए।
कैसे मिलेगा उपचार, जिले में केवल सात डॉक्टर
जिले में पीआईसीयू बनाए जा रहे हैं। इनमें बच्चों को उपचार देने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जानी है। अभी जिले में केवल सात बाल रोग के डॉक्टर हैं। इनमें छह संविदा पर हैं। एक डॉक्टर शासन से हैं। अगर अन्य डॉक्टरों की तैनाती न हुई तो दिक्कत आ सकती है। वहीं सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप का कहना है कि जिले में तैयार हो रहे अस्पतालों के लिए बच्चों के डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। शासन ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद किस तरह की तैनाती होगी, यह बाद में पता चल पाएगा। तैयारी पूरी की जा रही है। शासन के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार बेड अधिक किए जा सकते हैं।
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