तालग्राम। मौसम का बदलाव बैगन की फसल को बीमार बना रहा है। बैगन की पौध में झुलसा और बैगन में धब्बे वाला रोग लग गया है। किसानों का कहना है कि कई बार दवा का छिड़काव करने के बाद रोग से निजात नहीं मिल पा रही है।
क्षेत्र के सलेमपुर, तालग्राम टिकुरियन, अतरौली, ताहपुर, नरुइया, सरायप्रयाग, किशनपुर, मुंडाला, बनियानी, अमोलर, सरकवारा समेत कई गांवों के ज्यादातर रकबे में बैगन की फसल की बुवाई की गई है। मौसम में बदलाव के कारण इस बार फसल में झुलसा रोग लग गया है। बैगन में धब्बे भी हो गए हैं।
किसान तेजराम, ओमप्रकाश, रामप्रकाश, देवीचरन, सर्वेश, संजय कुमार, अनुरुद्ध ने बताया कि दवाओं का छिड़काव करने के बाद भी रोग से फसल को बचा नहीं पा रहे हैं।
कृषि प्राविधिक सहायक अमोलर नितिन कुमार ने बताया कि रोग फोमोप्सिम वेकसेस नाम के हानिकारक कवक से बैगन के पौधे में रोग लग जाता है। यह रोग लगने से पत्तियों पर भूरे रंग के धब्बे बन जाते हैं। पत्तियां पीली पड़कर सूख जाती हैं। पौधे झुलस कर सूख जाते हैं। बैगन में भूरे धब्बे बनने लगते हैं। रोग की रोकथाम के लिए खरपतवार नियंत्रण के अलावा धब्बे वाली पत्तियों को तोड़कर जला देना चाहिए। डाइथेन जेड 0.78 प्रतिशत के घोल का सात या आठ दिन के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए।