तिर्वा। एक बार फिर शासन-प्रशासन की लापरवाही मासूमों के जीवन पर भारी पड़ गई है। ग्राम भिदासिन में दो सगे भाई तब गंभीर रूप से घायल हो गए, जब गली से गुजरते वक्त एक खंडहरनुमा मकान की दीवार अचानक उनके ऊपर गिर गई। हादसे में दोनों मासूम मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकालकर राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
तिर्वा तहसील क्षेत्र के ग्राम भिदासिन निवासी वीरेंद्र सिंह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता हैं। वीरेंद्र ने बताया कि परिवार समेत झोपड़ी में रहते हैं। चार वर्षों से वह सरकारी आवास योजना के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन आज तक आवास नहीं मिला। मजबूरी में बारिश के दिनों में रात गुजारने के लिए बच्चों को छोटे भाई आशीष के घर भेजते हैं।
शुक्रवार को बेटे अनुज (8) और अंश (5) छोटे भाई आशीष के घर जा रहे थे। रास्ते में गांव निवासी राहुल के पुराने, जर्जर घर के पास पहुंचते ही दीवार भरभराकर गिर गई और दोनों बच्चे दब गए। गांव वालों ने शोर सुनकर दौड़ लगाई और मलबा हटाकर किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। फिलहाल दोनों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां दोनों की हालत में सुधार है।
इनसेट
दो घंटे तक नहीं हो सका एक्सरे
हादसे में घायल अनुज व अंश का राजकीय मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन में इलाज के बाद डॉक्टरों ने घायल दोनों बच्चों को एक्सरे कराने के लिए भेज दिया। परिजन बच्चों को लेकर एक्सरे वार्ड पहुंचे, तो वहां तैनात टेक्नीशियन नदारद मिला। करीब दो घंटे बाद टेक्नीशियन के आने के बाद बच्चों का एक्सरे हो सका। -डॉ. सीपी पाल, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज