कन्नौज। वित्तीय वर्ष 2012-13 में लोहिया आवास के अपात्रों के चयन करने के मामले में छिबरामऊ तहसील भी पीछे नहीं रही। पहले अमीरों को आवास दे दिए गए। अब उनसे रुपया वापस लेने के लिए जोर आजमाइश की जा रही है। डीएम रूपेश कुमार के आदेश पर जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है।
एसडीएम छिबरामऊ की अध्यक्षता में गठित टीम ने लोहिया समग्र गांव अनीभोज में 15 लाभार्थी और रौतामई में 5 लाभार्थी अपात्र पाए हैं। जांच आख्या उच्चाधिकारियों को भेज भी दी गई है। अनीभोज गांव में पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये पा गए लाभार्थियों की सूची बनाकर जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। इस मामले में सीडीओ उदयराज यादव ने बीडीओ तालग्राम दयाराम यादव को पत्र भेजकर फर्जीवाड़े से अवगत करा दिया है। उन्हें अनीभोज गांव में 7 लाभार्थियों को दी जा चुकी पहली किश्त के 50 हजार रुपये तत्काल वसूल करने की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही दोषी सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सचिवों ने रची साजिश-बीडीओ
कन्नौज। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत बीते वित्तीय वर्ष में अपात्रों को लाभ दिलाने की साजिश सचिवों ने ही रची। सरकारी धन का बंदरबांट करने के एवज में सचिवों को भी मुंहमांगा चढ़ावा दिया गया। ऐसे ही दो सचिवों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। तालग्राम के बीडीओ दयाराम यादव के अनुसार रौतामई के ग्राम विकास अधिकारी युवराज सिंह और गंधौलिया के ग्राम पंचायत अधिकारी यदुनंदन लाल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। तहसील स्तरीय टीम की जांच में कई लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। सचिवों को शासनादेश के अनुसार लाभार्थियों की चयनित सूची बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सचिवों ने जानबूझकर साजिश के तहत अपात्र लाभार्थियों का चयन कर शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। दोषी सचिवों को तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे पूछा गया है कि अपात्र लाभार्थियों का चयन क्यों किया गया है? बीडीओ का कहना है कि स्पष्टीकरण सही व संतोषजनक न होने पर निलंबन व दुरुपयोग की गई शासकीय धनराशि की वसूली सचिव से की जाएगी।