कन्नौज। सपा के समर्थन से जीते 16 जिला पंचायत सदस्यों ने शुक्रवार को एक साथ जिला पंचायत पहुंचकर पद व गोपनीयता की शपथ ली। जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों के शपथ ग्रहण के दिन सपा ने बहिष्कार कर विरोध जताया था। शुक्रवार को भी शपथ ग्रहण के बाद सभी 16 सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
जिला पंचायत के सदन में 28 सदस्य हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा की प्रिया शाक्य बनी हैं। शासन की ओर से तय शपथ ग्रहण के दिन 12 जुलाई को सपा के 16 सदस्यों ने समारोह का बहिष्कार कर शपथ ग्रहण नहीं की थी। कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने भाजपा की प्रिया शाक्य को जिला पंचायत अध्यक्ष की शपथ दिलाई थी। इसके बाद 11 सदस्यों ने शपथ ग्रहण की। अब इतने दिन के विरोध के बाद शुक्रवार को सपा के सभी सदस्यों ने एक साथ पहुंचकर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य से शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण के दौरान अपर मुख्य अधिकारी ज्योति कुमार दीक्षित भी मौजूद रहे। इसके बाद सपा के सभी सदस्यों ने विधायक अनिल दोहरे के अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया।
अनिल दोहरे ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या कर दी है। एडीएम गजेंद्र कुमार को दिए ज्ञापन में विधायक ने कहा कि जिला पंचायत व ब्लाक प्रमुख चुनाव में सपा के सदस्यों पर दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं। सभी मुकदमों की निष्पक्ष जांच कर खत्म किया जाए। नहीं तो जिला पंचायत सदस्य आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। सपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी रहे श्याम सिंह यादव ने कहा कि जिला पंचायत में अभी भी सपा का बहुमत, भाजपा का अल्पमत है। शुक्रवार को शपथ लेने वालों में सरोजनी कुशवाहा, कीर्ति दोहरे, सीता देवी, मिथलेश यादव, नीरज देवी, शीनू पाल, कुसुमा देवी, अनुपमा यादव, श्याम सिंह यादव, इंद्रेश यादव, दिगंबर सिंह यादव, नीलम यादव, जुबैरिया शाह, शिवाजी चक्रवर्ती, दिनेश सिंह, जितेंद्र कुमार दोहरे रहे।
जब 16 साथ तो कौन था दगाबाज, गूंजता रहा सवाल
कन्नौज। सपा के 16 सदस्यों के सामूहिक शपथ ग्रहण के बाद फिर एक बार चर्चा तेज हो गई कि सपा के साथ 16 लोग हैं तो क्रास वोट किसने किया। सपा ने यह जानने के लिए अपनी टीम लगाई। मुखिया को गुपचुप रिपोर्ट भेजी। तब भी सपाई यह नहीं जान पाए हैं कि किसने सपा को धोखा देकर भाजपा का परचम लहरा दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य को अध्यक्ष पद के चुनाव में 15 और सपा के श्याम सिंह यादव को 13 वोट मिले थे। ऐसे में प्रिया शाक्य दो वोट से चुनाव जीत गईं। यह तब हुआ जब सदस्यों के चुनाव में भाजपा के पास केवल अपने सात थे।