कन्नौज। 41 अस्थायी गोशालाओं के कागजों पर चलने की बात सामने आने के बाद हड़कंप मचा है। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार के निर्देश पर आठ विकास खंडों में 39 टीमों का गठन किया गया है। जिले में संचालित 138 गोशालाओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिन 41 गोशालाओं ने अभी तक धनराशि की डिमांड नहीं की, उनकी गहनता से जांच की जाएगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वीके त्रिवेदी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर तीनों तहसीलों के एसडीएम की मानीटरिंग में यह टीमें गोशालाओं की जांच करेंगी। उमर्दा विकास खंड में आठ, कन्नौज में पांच, हसेरन में पांच, सौरिख में चार, जलालाबाद में चार, छिबरामऊ में सात, तालग्राम में छह टीमें लगाई गई हैं। जांच टीम में प्रमुख रूप से पशु धन प्रसार अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, फार्मासिस्ट को रखा गया है। जांच रिपोर्ट 32 बिंदुओं पर तैयार की जाएगी। टीमों को फार्मेट दिया गया है। इसमें बिंदुवार प्रविष्टि दर्ज की जाएंगी। जांच में जियो टैगिंग, इयर टैगिंग, भेजी गई धनराशि में कितनी धनराशि खर्च की गई, भूसा व चारा की उपलब्धता, धनराशि की डिमांड सहित अन्य बिंदु शामिल सीवीओ ने कहा कि जांच तेजी के साथ चल रही है। जांच रिपोर्ट सोमवार की शाम तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक करोड़ बीस लाख में खर्च हुए 61 लाख
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अस्थायी गोशालाओं में अन्ना मवेशियों के लिए चारा-पानी आदि को शासन ने पर्याप्त बजट दिया है। 97 अस्थायी गोशालाओं ने पिछले पांच माह में चारा-पानी के लिए डिमांड की थी। इसके आधार पर करीब 61 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। विभाग के पास 59 लाख रुपये का अब भी बजट है।
138 गोशालाओं की जांच के लिए बनाईं 39 टीमें
पशुधन प्रसार अधिकारी, सचिव, फार्मासिस्ट अस्थायी
गोशालाओं में 32 बिंदुओं पर करेंगे जांच