उत्तर प्रदेश्ा के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अल्पसंख्यक और ब्राह्मणों को रिझाने के बाद अब अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को लुभाने में जुट गए हैं। राज्य सरकार ने सूबे के सभी महकमों में एससी व एसटी के खाली पदों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी है।
इसके लिए कार्मिक विभाग ने सभी महकमों के प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों से उनके यहां एससी व एसटी के खाली पदों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है ताकि जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए चयन आयोग को अधियाचन भेजी जा सके।
शासन को शिकायत मिली है कि लोक सेवा आयोग ने एससी व एसटी के बैकलॉग पदों को भरने के लिए कई महकमों के भेजे अधियाचनों को बगैर किसी कारण के लौटा दिया है।
यही नहीं कई महकमों का अधियाचन महीनों से आयोग में लंबित है और आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
लिहाजा कार्मिक विभाग ने बाकायदा प्रारूप जारी कर सभी महकमों से पदवार और संवर्गवार विस्तृत प्रस्ताव 5 जून तक भिजवाने को कहा है।
खाली पदों का ब्यौरा मिलने के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक बुलाकर आयोग को विस्तृत निर्देश देने की योजना है।
गौरतलब है कि काफी समय एससी व एसटी के अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी सरकार से एससी व एसटी के खाली पदों को भरने की मांग कर रहे हैं।
यही नहीं पदोन्नति से भरे जाने वाले पद के लिए भी डीपीसी कराने का मामला काफी समय से लोक सेवा आयोग में लंबित है।
इन बिन्दुओं पर मांगी जानकारी
कार्मिक विभाग द्वारा जारी प्रारूप में सभी महकमों से पांच बिन्दुओं पर जानकारी मांगी गई है।
शासन ने एससी व एसटी के पदों भरने के लिए आयोग को भेजे गए अधियाचन में (सीधी भर्ती/पदोन्नति), पदनाम, पदों की संख्या, लोक सेवा आयोग को अधियाचन भिजवाने की तिथि और वर्तमान प्रगति का ब्यौरा भिजवाने का निर्देश दिया है।