झांसी। कोरोना महामारी के चलते जिले के करीब दो लाख विद्यार्थी बिना परीक्षा प्रोन्नत किए जाएंगे। खासकर यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा का भी आयोजन नहीं होगा। इन कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी प्रोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा कक्षा छह, सात, आठ, नौ और ग्यारह की परीक्षाएं नहीं होंगीं। प्रोन्नति का एलान होने के बाद विद्यार्थियों को राहत मिली है। वहीं यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कराने के लिए निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
दरअसल, कोरोना महामारी के चलते स्कूल लगभग एक साल से बंद चल रहे हैं। पिछले साल बोर्ड की परीक्षाएं हो गई थीं। जबकि अन्य कक्षाओं के बच्चों को प्रोन्नत किया गया था। प्रदेश सरकार ने सितंबर से यूपी बोर्ड परीक्षाएं कराने के लिए तैयारी की थी। इस साल भी हाइस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू होनी थी। मगर पंचायत चुनाव के चलते परीक्षाओं को आगे बढ़ाकर आठ मई से शुरू करने का एलान किया गया था। मगर कोरोना संक्रमण बढ़ने के चलते परीक्षाएं फिर से टाल दी गईं। इधर, परीक्षा को लेकर कई दिनों से मंथन चल रहा था। शनिवार को यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं रद्द करने का एलान किया गया। इस फैसले के बाद जिले में 10वीं में पंजीकृत 25381 विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा। जबकि कक्षा एक से आठ तक पंजीकृत करीब 1.40 लाख और कक्षा और नौ-ग्यारह में पंजीकृत 30 हजार विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा। वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं जुलाई के दूसरे सप्ताह में कराने के लिए कहा गया है। डीआइओएस कोमल सिंह यादव ने बताया कि दसवीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। कक्षा नौ और ग्यारह में वार्षिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों की प्रोन्नति की जाएगी। आदेश के बाद विद्यार्थियों को राहत मिली है।