झांसी। अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत शुक्रवार को बिपिन बिहारी महाविद्यालय में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें छात्राओं को प्रशिक्षकों ने कई तकनीक सिखाईं। साथ ही उनके सवालों के जवाब दिए।
ब्लैक बैल्ट शाहीन परवीन ने बताया कि यदि आपके पास कुछ भी नहीं है तब भी आप अपनी उंगलियां, नाखून, हाथ, कोहनी, पैर, घुटने और चोटी को अपना हथियार बनाकर स्वयं का बचाव कर सकती हैं। किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में स्वयं को बचाने के लिए मौका तलाशना होता है। हर परिस्थिति में खुद को मजबूत रखें।
पूनम निगम ने बताया कि कड़ा, अंगूठी, पेन, बैग, किताब, मोबाइल जैसी हर एक छोटी से छोटी चीजों को अपने बचाव के लिए इस्तेमाल करें। खुद को इतना चौकन्ना रखें और अपनी सीमाएं निर्धारित करें ताकि कभी ऐसी स्थिति से सामना ही न करना पड़े। अपने परिवार को अपना दोस्त बनाएं और उनको हर बात बताएं।
कार्यक्रम में डॉ. कनीज जाहिरा, डॉ. वेदप्रकाश शुक्ल, डॉ. विजय कुमार यादव, डॉ. मुकेश श्रीवास्तव मौजूद रहे। अंत में प्राचार्य टीके शर्मा ने बच्चियों को खुद को मजबूत रहने की सलाह देते ही सभी का आभार व्यक्त किया।
छात्राओं के सवाल और उसके समाधान
सवाल- यदि हमलावर हमसे ज्यादा ताकतवर है तो क्या किया जाए ? - रोशनी
जवाब- बड़े से बड़ा युद्ध सिर्फ ताकत से नहीं सही रणनीति से जीता जाता है। शरीर के कुछ हिस्से सभी के लिए नाजुक होते हैं उन पर प्रहार कर खुद को बचाकर भागें।
सवाल- दोनों हाथ अगर आगे से पकड़ लिया तो फिर कैसे बचकर निकलें - अंशिका साहू
जवाब- किक अटैक सबसे आसान है, क्योंकि आपके हाथ पकड़े हैं लेकिन आपके पैर फ्री हैैं, हील्स सैंडिल यदि हैं तो हमलावर के पैर पर प्रहार करें और पकड़ ढ़ीली होते ही भागें।
सवाल- एक से ज्यादा लोग यदि घेर लें तो फिर हम अकेले कैसे लड़ें? - निहारिका
जवाब- इस स्थिति में दुपट्टा आपका हथियार बनेगा। आस-पास के कंकड़ एक दुपट्टे में बांधकर अपने लिए हथियार तैयार कर लें। दुश्मन को मारकर भाग लें।
सवाल- यदि कोई ऑटो या कैब में कभी दूसरी जगह ले जा रहा हो? - ईशू कुशवाहा
जवाब- सबसे पहले आप अपने परिवारजनों को एसएमएस के माध्यम से गाड़ी का नंबर बता दें। अप्रिय स्थिति में पीछे से उसका गला पकड़ लें, जैसे ही उसकी सांस रूकने लगेगी वो अपने आप गाड़ी की स्पीड कम करेगा और आपको बचकर भागने का मौका मिलेगा।
सवाल- यदि हम सुनसान रास्ते पर हैं और वहां कोई पीछे से पकड़ ले ? - सैलीना
जवाब- ऐसी स्थिति में जैसे ही पकड़ ढीली हो वैसे ही दुश्मन के गर्दन या मुंह पर प्रहार कर वहां से भागें। यदि मिर्च स्प्रे रखती हैं, तो वह भी बचाव का उचित उपाय है।
सवाल- हम किसी ऐसी जगह हों जहां नेटवर्क नहीं हों तो फिर क्या करें? - मोह सिन्हा
जवाब- ऐसी स्थिति में उस मोबाइल से वहां की वीडियो तो बना ही लें, फिर मौका देखकर उस इंसान पर प्रहार कर वहां से भाग जाएं। ध्यान दें जैसे ही नेटवर्क क्षेत्र में आएं 112 या 1090 पर कॉल कर जानकारी दें और अपने परिवार को स्थिति से अवगत कराएं।