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मियां-बीवी राजी तो कोर्ट की भी ‘हां जी’, जानें क्या है शादी के नियम

Thu, 18 Feb 2021 01:11 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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कोर्ट मैरिज करने वालों की संख्या में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। इसका अंदाजा विशेष विवाह अधिकारी के यहां विशेष विवाह अधिनियम के तहत होने वाली शादियों की संख्या को देखकर लगाया जा सकता है। परिवार की मंजूरी न होने के बाद भी कई जोड़े वैवाहिक बंधन में बंध जाते हैं।
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विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत विशेष विवाह अधिकारी के समक्ष शादियां होती हैं। झांसी में इस पद का प्रभार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के पास है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पांच सालों के दरम्यान साल दर साल कोर्ट मैरिज करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। 2017 में 22 जोड़ों को शादी का सर्टिफिकेट जारी किया गया था। 2018 में ये संख्या बढ़कर 27 पर पहुंच गई थी। जबकि, 2019 में 34 शादियां हुईं थीं। हालांकि, 2020 में कोरोना काल और लॉकडाउन की वजह से लंबे समय तक काम बाधित रहा, जिससे महज 23 शादियां ही हो पाईं। लेकिन, 2021 में हालात सामान्य होते ही इसमें तेजी आ गई है। पिछले डेढ़ माह में शादी के 18 आवेदन आ चुके हैं और चार शादियां भी हो चुकी हैं।

यहां शादी के लिए आने वाले ज्यादातर लोगों के परिवार की इसमें सहमति नहीं होती है, लेकिन पात्रता पूरी करने वाले जोड़ों को विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। यही वजह है कि कोर्ट मैरिज करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। यहां होने वाली ज्यादातर शादियां अलग - अलग धर्म और जातियों के जोड़ों की होती है।
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शादी के ये हैं नियम
शादी के लिए आवेदन विशेष विवाह अधिकारी /अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के समक्ष करना होता है। इसके बाद तीस दिन का समय लिया जाता है। इस अवधि में एलआईयू और संबंधित थाने की रिपोर्ट ली जाती है। इन रिपोर्ट में आपत्ति आने पर आवेदन खारिज कर दिया जाता है। शादी के समय लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की न्यूनतम 18 वर्ष होना जरूरी है। इसके अलावा दोनों में से किसी एक का झांसी का स्थायी या सामान्य निवासी होना जरूरी होता है। विशेष विवाह अधिकारी के समक्ष लड़का व लड़की दोनों को उपस्थित होना होता है। तीन गवाहों की गवाही भी ली जाती है। इसके बाद शादी का सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है।

विवाह के लिए आने वाले आवेदनों की जांच कराई जाती है। नियमानुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी करने वालों को शादी का प्रमाण पत्र दे दिया जाता है। - राम अक्षयवर चौहान, अपर जिलाधिकारी /विशेष विवाह अधिकारी
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