जानकारी के मुताबिक, पुरानी मऊ में रहने वाली कृष्णा बाई के निधन के बाद उनकी बहू शीतल देवी ने उनके शव को मुखाग्नि दी। इस दरम्यान मुक्तिधाम में क्षेत्र के काफी लोग मौजूद रहे। बता दें कि कृष्णा बाई के पति आनंदी की पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद उनके पुत्र की भी बीमारी से मौत हो गई थी।
घर में सास-बहू अकेले रहती थीं। बीमारी के चलते बीते रोज कृष्णा बाई की मौत हो गई। इसे बाद बहू ने उनके शव को मुखाग्नि दी। हालांकि, इसके लिए उनके कई रिश्तेदार आगे आए, लेकिन बहू ने बेटे का फर्ज पूरा करते हुए उन्हें अंतिम विदाई दी।