फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कब सुधरेगी मशीन, प्राइवेट पैथोलॉजी में मरीजों के खर्च हो चुके एक लाख

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। जिला अस्पताल में पिछले तीन दिनों से बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब पड़ी है। ऐसे में मरीजों के प्राइवेट पैथोलॉजी में रोजाना 30 हजार रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। लगभग एक लाख रुपये से ज्यादा की जांच मरीज बाहर करा चुके हैं। मशीन कब सुधरेगी, इसका कोई सही जवाब भी नहीं दे पा रहा है।
विज्ञापन

अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में रखी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन से छोटी से लेकर बड़ी तक करीब 100 जांचें होती हैं। अस्पताल में ये सभी जांचें निशुल्क होती हैं मगर प्राइवेट पैथोलॉजी में काफी महंगी होती हैं। बताया गया कि अस्पताल में रोजाना सवा सौ मरीज इस मशीन से जांच कराने के लिए आते हैं। चूंकि, डॉक्टर किसी भी मरीज को एक जांच नहीं लिखते हैं, बल्कि कम से कम दो से चार जांच कराने को कहते हैं। ऐसे में यदि मरीज इस मशीन से होने वाली तीन जांचें ही बाहर से करवाएगा तो कम से कम एक हजार रुपये फीस देनी पड़ेगी। इस हिसाब से अगर एक चौथाई यानी 35 मरीज ही बाहर से जांच कराते हैं तो कम से कम एक लाख रुपये की जांचें पिछले तीन दिनों में मरीज प्राइवेट पैथोलॉजी से करा चुके हैं। ये मशीन कब तक सुधरेगी, इसके बारे में कोई सही से नहीं बता पा रहा है। हालांकि, अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके सचान का कहना है कि जल्द ही इसे सुधरवा लिया जाएगा।
एनालाइजर से ये जांचें होती हैं
लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, टोटल कैल्शियम, सीरम इलेक्ट्रोलाइट, आरए फैक्टर, शुगर समेत कई जांचें बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर से होती हैं। अगर प्राइवेट पैथोलॉजी की बात करें तो वहां एलएफटी व केएफटी जांच 600-600 रुपये, लिपिड प्रोफाइल 650, सीरम इलेक्ट्रोलाइट व आरए फैक्टर 300-300 और टोटल कैल्शियम 150 रुपये में होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें