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यह कैसी जिला योजना...करोड़ों मांगे थे, मिला धेला भी नहीं...कई विभागों का यही है रोना

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झांसी। जनपद के विकास के लिए हर साल भारी भरकम जिला योजना बनाई जाती है, जिसमें राज्य सरकार के हर विभाग की योजनाओं के संचालन के लिए बजट का प्रावधान किया जाता है। अरबों रुपये की इस योजना के पास होने के बाद जनप्रतिनिधि अपनी खूब पीठ थपथपाते हैं। जनता भी सब्जबाग देखने लगती है। लेकिन, जिला योजना सरकारी कागजों में दर्ज सुनहरी इबारत भर बनकर रह जाती है। इसका अंदाजा चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बनाई गई जिला योजना के हश्र को देखकर लगाया जा सकता है।
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जिला योजना तैयार करने से पूर्व सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे जाते हैं। विभाग अपनी-अपनी योजना के संचालन के लिए बजट की डिमांड रख देते हैं। इसकी जांच के बाद विभागों के प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल कर लिया जाता है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए तीन अरब 37 करोड़ 51 लाख रुपये की जिला योजना तैयार की गई थी। वित्तीय वर्ष अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, लेकिन अब तक लगभग आधी एक अरब 71 करोड़ 14 लाख रुपये की धनराशि ही आवंटित की गई। कई योजनाओं के संचालन के लिए विभागों के खाते में एक पाई भी नहीं पहुंची, जबकि कइयों को मांग के अनुरूप नाम मात्र की ही रकम हासिल हो पाई। अब एक बार फिर आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए जिला योजना बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। इस बार भी तीन अरब 37 करोड़ की जिला योजना तैयार की जा रही है।
प्रमुख विभागों का ये रहा हाल
विभाग अनुमोदित बजट आवंटित बजट
कृषि विभाग 59 लाख 5.48 लाख
पशुपाल विभाग 4.47 करोड़ 11.16 लाख
दुग्ध विकास 1.97 करोड़ 21.62 लाख
सहकारिता 1.72 करोड़ 00
वन विभाग 8.03 करोड़ 3.15 करोड़
पंचायती राज 1.40 करोड़ 00
माध्यमिक शिक्षा 6.83 करोड़ 00
प्राविधिक शिक्षा 2.62 करोड़ 00
खेलकूद 4 करोड़ 00
एलोपैथिक चिकित्सा 3.60 करोड़ 00
बजट की कमी से ये काम हुए प्रभावित
झांसी। जिला योजना में बजट की कमी से कई काम प्रभावित हुए। इनमें से कुछ शुरू नहीं हो सके तो कई की रफ्तार धीमी पड़ गई। इनमें लघु, सीमांत किसानों को उत्पादकता बढ़ाने में सहायता, बहुउद्देश्यीय पंचायत भवनों का निर्माण, मोंठ, गुरसराय में सामुदायिक भवनों का निर्माण, गहरे-मध्यम नलकूप व ग्राउंड वाटर हार्वेस्टिंग /चेकडैम का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण व नई सड़कों का निर्माण, क्रीड़ा स्थलों का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना आदि समेत अन्य कार्य भी शामिल हैं।
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जिला योजना से भले ही विभागों को मांग के अनुरूप बजट नहीं मिल पाता है, लेकिन शासन स्तर से अन्य योजनाओं से विभागों को बजट की प्रतिपूर्ति कर दी जाती है। इसके अलावा विभाग अपने स्तर से अपनी विभागीय योजनाओं के संचालन के लिए बजट उपलब्ध कराते हैं।
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- शैलेष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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