मप्र समेत बेतवा नदी के कैचमेंट इलाके में हो रही बारिश के चलते सोमवार को राजघाट एवं माताटीला जलाशय पर पानी का दबाव बढ़ गया। दोनों जलाशयों से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी बाहर छोड़ा गया। इस पानी को बाहर निकालने के लिए माताटीला बांध के 10 गेट दो फीट पर खोले गए
बेतवा के कैचमेंट इलाके में बारिश के बाद जलस्तर अचानक बढ़ गया। बारिश के चलते राजघाट से 50 हजार क्यूसिक पानी आधी रात से ही छोड़ा जा रहा था। दोपहर तक पानी का दबाव माताटीला बांध तक पहुंच गया। इस पानी को बाहर निकालने के लिए बांध के 10 गेट दो फीट पर खोले गए।
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पानी को छोड़ने के बाद बेतवा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सिंचाई विभाग के आंकड़े के मुताबिक ढुकुवां डैम से 52000 क्यूसेक, पारीछा डैम से 10241 क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया। वहीं, धसान नदी में पहाड़ी डैम से 1600 क्यूसेक से पानी छोड़ा गया।
इसी तरह लहचूरा डैम से 53 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। डोंगरी बांध, रेलवे बांध एवं पहूज बांध के गेट बंद चल रहे हैं। नोट घाट पर शुक्रवार को बेतवा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205 मीटर के बजाए 189.62 मीटर पर दर्ज हुआ। अभियंताओं का कहना है कि देर-रात को पानी की रफ्तार में कमी आएगी। इसके बाद गेट वापस बंद कर दिए जाएंगे।