झांसी/बरुआसागर। बरूआसागर झरना में पिकनिक मनाने गए दो युवक नहाते समय तालाब में डूब गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद एक युवक का शव बाहर निकाला जा सका जबकि दूसरे का देर-रात तक कुछ भी पता नहीं चला। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पंचमाना के लिए चीरघर भिजवा दिया है।
पुलिस के मुताबिक झांसी, बड़ाबाजार निवासी आधा दर्जन युवक बरूआसागर झरना (स्वर्गाश्रम झरना) में पिकनिक मनाने पहुंचे थे। शाम करीब चार बजे यह लोग तालाब में नहा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सभी युवक प्लटेफार्म से नीचे गहरे तालाब में छलांग लगा रहे थे। इसी बीच शिवम गुप्ता (20) पुत्र रवींद्र कुरेले एवं पीयूष वैश्य (21) पुत्र कृष्ण कुमार अपने एक दूसरे साथी के साथ नहाते हुए गहरे पानी में चला गया। गहरे पानी में जाते ही तीनों डूबने लगे। यह देखकर आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। वहां नहा रहे एक दूसरे युवक ने साहस दिखाते हुए किसी तरह एक को खींचकर बाहर निकाला लेकिन, शिवम एवं पीयूष गहरे पानी में समा गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। थोड़ी देर में प्रभारी निरीक्षक सुनील तिवारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उसके बाद गोताखोरों को बुलाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गहरे पानी से पीयूष का शव बाहर निकाला गया। उसके बाद गोताखोरों ने शिवम की भी काफी तलाश की लेकिन, उसका कुछ अता-पता नहीं चला। अंधेरा हो जाने के बाद बचाव काम भी बीच में रोक देना पड़ा। सीओ टहरौली अनुज कुमार सिंह के मुताबिक शिवम का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। सुबह फिर से उसकी तलाश की जाएगी।
परिजनों में मचा कोहराम, रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना जैसे ही दोनों युवकों के परिजनों तक पहुंची, उनमें कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते घटना स्थल पर पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक पीयूष के पिता एक ऑनलाइन फूड सप्ताई करने वाली कंपनी में काम करते हैं। पीयूष भी उनके साथ काम में हाथ बंटाता था। परिजनों का कहना है कि मंगलवार को उसके कई साथियों ने झरने पर जाने का प्लान बनाया। उसने जिद करके आज छुट्टी ली हुई थी। वहीं, शिवम भी बड़ाबाजार के गणेश मढ़िया मोहल्ला में रहता है। उसके पिता छोटा-मोटा कारोबार करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
गहरा पानी होने के बावजूद बचाव के इंतजाम नहीं
बरूआसागर तालाब किनारे पर ही करीब दस फीट गहरा है। इतना गहरा होने के बावजूद यहां खतरे का निशान बताने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। कहां तक जाना है, कहां तक नहीं जाना है इसकी भी कोई मार्किंग नहीं है। इस वजह से बाहर से आने वाले लोगों को तालाब की गहराई का अंदाजा नहीं हो पाता। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आज हादसा भी इसी के चलते हुआ। झांसी बाजार के बंद होने से बड़ी संख्या में युवा यहां पहुंचे थे। खतरे का निशान कहीं नहीं था। इस वजह से ऊपर बने प्लेटफार्म से युवा नीचे छलांग लगा रहे थे। अगर पुलिस-प्रशासन की ओर से पहले ही खतरे की जगह चिन्हित करके वहां बैरकेडिंग कर दी जाती तब शायद यह हादसा रोका जा सकता था। आज गोताखोरों की कमी भी काफी खली। गोताखोर न होने से बचाव कार्य देर से आरंभ हो सका।
पांच दिन के भीतर पानी में हुआ दूसरा हादसा
पानी संग अठखेलियां करना युवाओं को काफी भारी पड़ रहा है। पांच दिन पहले 9 सितंबर को ही प्रेमनगर थाना अंर्तगत अठोंदना चैकडैम में नहाने गए दो युवाओं को भी मौत पानी में डूब जाने से हुई थी। उसके बाद मंगलवार को बरूआसागर तालाब में डूब जाने से एक की मौत हो गई जबकि दूसरे का कुछ भी अता-पता नहीं चला।