झांसी। चौधरी चरण सिंह बांध, लखेरी से आज पहली बार खेतों के लिए पानी छोड़ा जाएगा। इसको लेकर सिंचाई विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभियंताओं के मुताबिक रबी सीजन में करीब एक हजार हेक्टेयर रकबे की सिंचाई की जा सकेगी।
लखेरी बांध करीब 38 साल तक विवादों में घिरा रहा। इसकी शुरुआत 1982 में हुई। उसके बाद वर्ष 2008 में नहर एवं डैम निर्माण का कार्य पूरा हो गया लेकिन, पुनर्वास मामले का निपटारा न होने से बांध भरा नहीं जा सका। काफी समय तक मामला बछेरा, बुढ़ाई के पुनर्वास न होने से अटका रहा। पुनर्वास मामला पिछले वर्ष काफी हद तक निपटाए गए। गांवों से बाहर निकालकर लोगों को पुर्नवास स्थल पर बसाया गया। इसके बाद इस मानूसन में पहली दफे करीब 182.05 मीटर तक भरा गया हालांकि अभी भी बुढ़ाई गांव में कुछ लोगों का मामला विवादों में है। इस वजह से बांध अभी पूरी क्षमता से नहीं भरा जा सका लेकिन, एक्सईएन सिद्घार्थ सिंह के मुताबिक बांध इतना भर चुका, जिससे सिंचाई हो सके। इसके लिए 10-12 किमी लंबी नहर बनाई गई है। इससे महेवा ग्राम, किशोरपुरा, रेवन, बुढाई, बछेरा, गढ्ढवा, पुरा, देवरा, विक्रमपुरा, कुटौरा, छिनौरा, कछियामऊ, पसौरा, गढ़ा, लहचूरा तक सिंचाई की जा सकेगी।
मुआवजे को लेकर ग्रामीणों में असंतोष
सिंचाई विभाग के अभिंयताओं का कहना है कि सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा दे दिया गया लेकिन, बुढाई और बछेरा के ही ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सिर्फ चुनिंदा लोगों को मुआवजा दिया गया। बाकी लोगों को पुलिस की मदद से वहां से हटाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है मकान का मुआवजा भी नहीं दिया गया। इसको लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश है।