महानगर में शुक्रवार को गणेश चतुर्थी पर्व के साथ ही गणेश उत्सव प्रारंभ हो गए। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों और मंदिरों में भगवान गजानन की मनोहारी मूर्तियां विराजमान की। पूजा अर्चना कर एक दूसरे को बधाईयां दी।
महानगर में शुक्रवार को गणेश चतुर्थी पर्व के साथ ही गणेश उत्सव प्रारंभ हो गए। सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। भगवान गणेश की भक्ति करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। भादों शुक्ल पक्ष की चतुर्थी शुक्रवार को गणेश पूजा को लेकर युवा व बाल भक्तों में विशेष उत्साह नजर आया।
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घरों और मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गईं। विधि विधान से भगवान की दिव्य मूर्ति प्रतिष्ठापित की। महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में अथर्वशीर्ष का पाठ किया गया और भगवान को मोदक का प्रसाद अर्पण किया गया। इधर बड़ा बाजार स्थित कमल के फूल पर विराजे भगवान गणेश का श्रद्धालुओं ने मोहक शृंगार किया। पूजा अर्चना के बाद भव्य आरती की गयी।
इधर ऐतिहासिक किला स्थित गणेश जी के मंदिर में भक्तों ने दर्शन किये। इससे पहले सुबह से ही लेकर देर शाम तक कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ वाहनों पर गणेश जी की प्रतिमाएं ले जाते दिखे। जयकारे लगाते बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। गणेश उत्सव जलझूलनी एकादशी तक मनाया जायेगा।
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युवा ब्राह्मण महासंघ की ओर से किला स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं ने शृंगार कर महाआरती की। भगवान को मोदक का प्रसाद अर्पण किया गया।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष हरगोविंद कुशवाहा, एमएलसी रमा निरंजन, नगर विधायक रवि शर्मा, रवीश त्रिपाठी मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर गणेश चतुर्थी का पर्व छाया रहा। सुबह से लेकर रात तक गणेश उत्सव की शुभकामनाएं वायरल होती रहीं। इसके अलावा मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर सहित कई अन्य गणेश मंदिरों के दर्शन किये। लोगों ने अपने घरों में प्रतिष्ठापित किए भगवान गणेश के दर्शन सोशल मीडिया पर कराए।