झांसी। जिले के आठ विकास खंडों के लोगों को इलाज के लिए झांसी की दौड़ नहीं लगानी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने आठ नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए हैं। इसके जरिए लोगों को छोटी-मोटी बीमारी का उपचार अपने घर के पास ही उपलब्ध होगा। नवजात शिशुओं से लेकर किशोर किशोरियों के टीकाकरण के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी समस्याओं का समाधान मिल सकेगा।
कई बार ग्रामीणों को समय पर इलाज न मिलने और साधन का अभाव होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण एवं पोषण जैसी सुविधा घर के पास ही उपलब्ध कराने के लिए आठ गांव में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्रों की शुरुआत की गई है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनके जैन ने बताया कि जिले में अभी तक 326 उप स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से दूरदराज के लोगों को घर के पास ही समुचित उपचार मुहैया कराया जा रहा है। गंभीर मामलों को उच्च चिकित्सा के लिए रेफ र कर दिया जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋ षिराज ने बताया कि नए उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एएनएम की भर्ती की जा रही है। अभी संबंधित विकास खंड की एएनएम यहां काम संभालेंगीं।
यहां खोले गए स्वास्थ्य केंद्र
नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र बबीना के गवारा, बड़ागांव के जरवों, बामौर के डिकोली, बंगरा के विजरवारा, चिरगांव के धवारा, गुरसराय के रजवारा, मऊरानीपुर के चितावत और मोंठ के बुडेरा गांव में खोले गए हैं।