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पाइपलाइन में छेद ही छेद, कैसे रुके पानी की बर्बादी, जलसंकट से जूझ रही दो लाख की आबादी

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झांसी। विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है। हर साल ही इस दिवस को पानी बचाने की शपथ ली जाती है, लेकिन हालात इससे इतर हैं। जल संस्थान की पाइपलाइन में ही जगह-जगह छेद हैं, जिससे रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, जबकि कई इलाके ऐसे हैं जो गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। इससे लगभग दो लाख की आबादी परेशान हो रही है।
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महानगर में 78.51 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है लेकिन महज 65.47 एमएलडी पानी मिलता है। जिससे हर रोज 13.04 एमएलडी पानी की कमी रहती है। इसके बाद भी विभागीय अफसरों की लापरवाही से हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है। जिससे हजारों आदमी पानी की परेशानी से जूझते हैं। वहीं, महानगर के मुकरयाना, अलीगोल, दतिया गेट, किसान बाजार समेत महानगर के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां, पानी पाइपलाइन लीकेज से पानी बर्बाद होता है।
इन मोहल्लों में भीषण संकट
करगुवां जी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रताप नगर, वक ील कॉलोनी, राजपूत कॉलोनी, वीरांगना नगर, मयूर विहार कॉलोनी, सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गड़ियागांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्घेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, सीपरी बाजार क्षेत्र के मसीहागंज समेत कई कॉलोनियों में पानी की समस्या है।
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मंडलायुक्त ने उठाया था सराहनीय कदम
गर्मियों में पानी की किल्लत न हो इसके लिए मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने भी सराहनीय कदम उठाया था, इसमें मोहल्लावार विस्तृत कार्ययोजना बनाकर पानी की सप्लाई, पेयजल समस्या के निदान के लिए सातों दिन कंट्रोल रूम चलाने के निर्देश दिए हैं।
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