झांसी। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत महानगर में डाली जा रही पेयजल पाइप लाइन के कार्यों की जांच होगी। अब तक जो भी कार्य हो चुके हैं, उनमें से तीन - तीन कार्यों की जांच कराई जाएगी। इसमें कार्य की गुणवत्ता देखी जाएगी। जल्द ही मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी।
अटल मिशन फॉर रिजूवेशन एंड अरबन ट्रांसफारमेशन (अम्रुत) के अंतर्गत चल रहे पेयजल महायोजना के काम में करीब दो सौ किलोमीटर पाइप लाइन डालने का काम पूरा कर लिया गया है। अब कनेक्शन दिए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत जुलाई 2022 तक महानगर के 54279 घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। पेयजल महायोजना के अंतर्गत पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। महानगर को 29 जोन में बांटा गया है। इसमें 29 जोन शामिल हैं। 244 किलोमीटर के क्षेत्र से अधिक में से अब तक करीब दो सौ किलोमीटर में पाइप लाइन डाली जा चुकी है।
इसमें तालपुरा में 19 किलोमीटर, सागर गेट में 13 किलोमीटर, सिलवर्टगंज में 29 किलोमीटर, सिमरधा में नौ किलोमीटर, भगवंतपुरा में 14.50 किलोमीटर, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में 35 किलोमीटर, नंदनपुरा में 23.50 किलोमीटर और सिमराहा में 28 किलोमीटर में पाइप लाइन डालने का काम पूरा हो गया है। लेकिन, सिविल लाइन क्षेत्र में अब तक छह किलोमीटर के सापेक्ष 0.8 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जा सकी है और आयुर्वेदिक कॉलेज क्षेत्र में अब तक पाइप लाइन नहीं डाली गई है। सौ से आठ सौ एमएम व्यास की कुल 33.72 में से 23 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जा चुकी है। वाटर मीटर 30,060 लगने थे, लेकिन अब तक 5075 लग सके हैं। राइजिंग मेन लाइन छह किलोमीटर डाली जा चुकी है और अब तक 10099 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने समीक्षा के दौरान अब तक हुए कार्यों पर असंतोष जताया था और तीन- तीन काम की जांच कराने के निर्देश दिए थे। अब जल्द ही मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। जिन कामों की जांच होगी उनमें सीडब्ल्यूआर, ओवरहैड टैंक और वितरण प्रणाली के काम में से कोई तीन, एक हजार कनेक्शन तथा वाटर मीटर, राइजिंग मेन लाइन दो किलोमीटर शामिल हैं।