संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मंगलवार को लोकमान्य तिलक-सीतापुर एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच में यात्रा कर रही बुजुर्ग महिला के गले से बदमाश चलती ट्रेन में साेने की चेन काट ले गए। पति ने बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भाग निकला। पीड़ित की शिकायत पर जीआरपी उरई ने दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा फरार हो गया।
ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जनरल और स्लीपर कोच तो दूर एसी कोच में भी यात्री सुरक्षित नहीं हैं। मंगलवार को ऐसा ही एक मामला ट्रेन नंबर 12107 लोकमान्य तिलक-सीतापुर एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच से सामने आया है। सीतापुर निवासी विजय मिश्रा पत्नी उर्मिला मिश्रा के साथ ट्रेन के थर्ड एसी कोच बी-3 की 55 और 69 नंबर बर्थ पर भोपाल से सीतापुर के लिए यात्रा कर रहे थे। ट्रेन मंगलवार को अपने निर्धारित समय सुबह 9.35 बजे के स्थान पर 2.46 घंटे की देरी से दोपहर 12.21 बजे झांसी पहुंची थी। विजय मिश्रा ने बताया कि झांसी स्टेशन से ही तीन लड़के कोच में चढ़ आए थे, जो खिलौने और बैग की चेन बेच रहे थे। इसी बीच ट्रेन चलने लगी तो तीनों युवक उनकी पत्नी की सीट के पास जाकर खड़े हो गए और उनमें से एक युवक ने मौका देखकर पत्नी की सोने की चेन प्लास से काट ली। जैसे ही इस पर विजय की नजर पड़ी तो वह अपनी सीट से पत्नी की सीट की ओर जाने लगे। यह देख एक युवक वहां से भाग निकला और दो वहीं खड़े रहे। फरार हुए युवक की तलाश की तो वह नहीं मिला। इसके बाद विजय मिश्रा ने टीटीई से मामले की शिकायत की ताे उन्होंने वहां खडे़ दोनों युवकों को पकड़ कर जीआरपी उरई के हवाले कर दिया। वहीं, मामले में जीआरपी सीओ नईम खान मंसूरी का कहना है कि यात्री ने चेन स्नेचिंग की शिकायत दर्ज कराई है। ट्रेन से दो युवकों को भी उरई में उतारा गया है। चेन बरामद करने के लिए तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।