झांसी। डेंगू का खतरा अभी टला नहीं है। एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस रिपोर्ट में ढाई हजार घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। चूंकि, एक मच्छर पांच घरों तक रोग को फैला सकता है, ऐसे में इसकी जद में साढ़े बारह हजार घर हैं। इसलिए लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
डेंगू, मलेरिया की रोकथाम के लिए अफसर फॉगिंग, लार्वी साइट आदि का छिड़काव कराने का दावा कर रहे हैं। मगर हकीकत में डेंगू बहुत तेज रफ्तार से फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में तो वही मरीज दर्ज हो रहे हैं, जो सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। निजी अस्पताल में डेंगू मरीजों की भरमार है। ज्यादातर नर्सिंगहोम अपने यहां भर्ती मरीजों के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजते ही नहीं हैं।
वहीं, हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से घरों का सर्वे किया गया। एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस रिपोर्ट में ढाई हजार घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि डेंगू का मच्छर चंद मीटर ही उड़ पाता है। ऐसे में मच्छर अगल-बगल और सामने समेत आसपास के पांच घरों के लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है। सर्वे में ढाई हजार घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। मच्छरों ने अंडे भी दिए होंगे। ऐसे में इसकी जद में साढ़े बारह हजार लोग हैं। सर्वे में सबसे ज्यादा कूलरों और टंकियों में लार्वा पाया गया है। इन घरों को नोटिस जारी किया गया है।