झांसी। सोमवार की दोपहर को करीब ढाई बजे बीच शहर में कचहरी चौराहे के पास एक तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने पहले बाइक में टक्कर मारी और फिर कार से टकराई और बाद में आगे बाइक पर सामान लादकर ले जा रहे सेल्समैन को कुचल दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बाइक बस के अगले हिस्से में फंस गई और दूर तक घिसटती रही। सड़क पर घिसटती बाइक से उठी चिंगारी ने कुछ ही देर में आग का रूप ले लिया। पहले बाइक में आग लगी और फिर बस में आग लग गई। आग लगते ही सवारियों ने बस से कूदकर किसी तरह जान बचाई। हादसे के बाद बस को छोड़कर चालक और परिचालक फरार हो गए। पुलिस और आसपास के लोगों ने दमकल के पहुंचने से पहले ही आग बुझा ली थी।
झोकनबाग के नारायण धर्मशाला निवासी आनंद अरोड़ा (45) पुत्र जिंदू राम दुकानों पर सामान सप्लाई करते थे। परिजनों के मुताबिक सोमवार दोपहर आनंद मोटर साइकिल से बस स्टैंड सामान पहुंचाने जा रहे थे। सीओ सदर राजेश राय के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे एक प्राइवेट बस दतिया से झांसी आ रही थी। बस स्टैंड की ओर जाने के लिए वह जैसे ही कचहरी चौराहा से आगे बढ़ी पहले एक बाइक को टक्कर मारी और फिर एक कार को चपेट में ले लिया। उसके आगे ही आनंद बाइक से जा रहे थे। बाइक पर उन्होंने काफी सारा सामान लाद रखा था। उनकी बाइक भी बस की चपेट में आ गई। बाइक समेत आनंद बस के पहिये में फंस गए। चालक बस को लेकर भाग रहा था। करीब सौ मीटर तक बस घसीटते ले गई। चक्के में फंस जाने से आनंद बुरी तरह घायल हो गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अगले चक्के में बाइक फंस जाने से बस के अगले हिस्से में आग लग गई। बाइक भी उसकी चपेट में आ गई। आग की लपटें देखकर बस में बैठी सवारियों में चीख-पुकार मच गई। चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। हादसे की सूचना मिलते ही एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, सीओ सदर राजेश राय, नवाबाद इंस्पेक्टर सुधाकर मिश्रा मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी के मुताबिक वाहन नंबर के आधार पर चालक की तलाश की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पैंतालीस मिनट तक सड़क पर पड़ा रहा शव
हादसे के बाद शव करीब पैंतालीस मिनट तक सड़क पर पड़ा रहा। इस वजह से पुलिस को एक तरफ का रास्ता बंद करना पड़ा। इससे वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। आसपास के दूसरे रास्तों पर भी यातायात जाम की स्थिति बनी रही। करीब पैंतालीस मिनट बाद प्राइवेट एंबुलेस आने पर शव वहां से हटाया जा सका। पूरी सड़क पर खून बिखरा हुआ था। दमकल गाड़ी की मदद से सड़क धुलवाई गई। शव हटने के करीब आधा घंटे तक वहा जाम लगा रहा।
नहीं पहुंची सरकारी एंबुलेंस, टैक्सी में भेजना पड़ा शव
शव करीब पौन घंटे तक सड़क पर ही पड़ा रहा। सरकारी एंबुलेंस को सूचना दी गई लेकिन, समय पर गाड़ी नहीं पहुंची। काफी देर इंतजार के बाद जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तब आखिरकार प्राइवेट टैक्सी का सहारा लेना पड़ा। पुलिस ने प्राइवेट टैक्सी में शव लादकर शव उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
आसपास के लोगों की मदद से बुझाई आग
हादसे के बाद मोटर साइकिल और बस का अगला हिस्सा आग की चपेट में आ गया। आग लगते ही बस में खलबली मच गई। सवारियां बस छोड़कर दरवाजे से निकलकर भागने लगीं। आग लगने तक सीओ सदर राजेश राय भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आसपास के लोगों की मदद से बस में पानी डालकर उसे बुझाया।
रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे परिवार के लोग
आनंद की तीन पुत्रियों में दीक्षा सबसे बड़ी है। वह लखनऊ स्थित एक निजी कंपनी में काम करती है जबकि मझली बेटी तान्या बरूआसागर में प्राइवेट नौकरी कर रही। सबसे छोटी पुत्री हितैषी नर्सिंग होम में काम करती है। पत्नी बिंदु अरोरा एक निजी विद्यालय में पढ़ाती हैं। पुलिस ने पत्नी को हादसे की सूचना दी। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी अपनी दो पुत्रियों के साथ मेडिकल कालेज पहुंच गईं। उनके दूसरे रिश्तेदार भी पहुंच गए।