फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ गईं तो दवाओं में आई महंगाई

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के चलते अब दवाओं पर भी महंगाई की मार पड़ी है। कच्चे माल के बाद तेल कीमतों ने भाड़ा महंगा कर दिया है। इससे दवाओं की कीमतों में 25 फीसदी तक का इजाफा हो गया है। ऐसे में दिल, बीपी, एंटीबायोटिक, खांसी समेत तमाम रोगों का इलाज कराना महंगा हो गया है।
विज्ञापन

भारत में दवाओं का कच्चा माल चीन से ही आता था। कोरोना के चलते चीन से आयात बंद होने की वजह से भारत दूसरे देशों से कच्चा माल मंगवा रहा है। इससे रॉ मटेरियल की कीमतों में काफी इजाफा हो गया है। इस वजह से भी लगातार दवाओं के दाम बढ़ रहे थे। मगर अब दवाओं में महंगाई का बड़ा कारण पेट्रोल-डीजल कीमतों का बढ़ना है। दवा विक्रेताओं का कहना है कि नए स्टॉक में 10 से 25 फीसदी तक दवाओं के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में पहले जिन दामों पर दवाएं बेचते थे, अब उन पर खरीद कर रहे हैं। खांसी की सिरप के दामों में 10 से लेकर 32 रुपये तक का इजाफा हुआ है। वहीं, मधुमेह की टैबलेट के पत्तों के दाम 10 से 20 रुपये बढ़े हैं। इसके अलावा बीपी की दवा पांच से पंद्रह रुपये तक महंगी हुई है। एंटीबायोटिक के पत्ते में भी आठ से 16 रुपये तक मूल्य बढ़ा है। हार्ट की दवा में 30 से 40 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है।
इन्हेलर से लेकर भांप की कैप्सूल तक महंगा
दवा विक्रेताओं ने बताया कि तेल कीमतों की मार इन्हेलर से लेकर भांप की कैप्सूल तक की पड़ी है। अब डियोलिन फोट इन्हेलहर 324 की जगह 356 रुपये का हो गया है। जबकि, भांप की कैप्सूल कार्बोल प्लस 69 से बढ़कर 76 रुपये की हो गई है।
विज्ञापन

ये दवाएं हुईं महंगी
मर्ज दवा पहले अब
यूरिक एसिड फैबुस्टेट-40 178 198
ब्लड प्रेशर टेल्मीकाइंड एच-40 55 69
टेल्मीडेज 49 55
दस्त ओटू 129 149
मधुमेह ग्लाइकोमैट जीपी-1 96 106
ग्लाइकोमैट जीपी-2 135 155
एंटीबायोटिक जिफी-ओ 139 155
एलथ्रोसिन 39 47
खांसी कोरेक्स डीएस 99 109
कोस्कोपिन 87 106
कोडीस्टार 99 131
सिनारिस्ट सिरप 99 110
अस्थमा एबिफाइनिल 123 135
हार्ट रोजबेल 303 330
एलर्जी कैडीफोर्स-100 70 80
दर्द डोलोनेक्स 179 196
अब तक कच्चा माल महंगा होने से दवा कीमतें बढ़ रही थीं लेकिन इस बार पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के कारण दवाओं के दाम 10 से 25 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। पहले हम जितने मूल्य में दवाएं बेचते थे, अब उतने में खरीद रहे हैं। - नितिन मोदी, सचिव, जिला केमिस्ट एसोसिएशन।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें