झांसी के हाथी ग्राउंड में लगी सेना के प्रदर्शनी में हथियारों को देखते देश के रक्षामंत्री राजनाथ ?
झांसी। बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने झांसी में कहा कि भारत अगले एक दशक में सामरिक आजादी हासिल कर लेगा। जहां सूई नहीं बनती थी, वहां एक साल में 209 प्रकार के हथियार बनने लगेंगे और निर्यात भी किए जाएंगे। आगामी एक दशक में हालात ये हो जाएंगे कि हमें हथियार दूसरे देशों से आयात नहीं करने पड़ेंगे। उन्होंने यह बात रानी की जयंती पर आयोजित राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व के शुभारंभ के मौके पर कही। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा कि हाल ही में सरकार ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को 50 हजार करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया है, जो अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब देश में 65 से 70 फीसदी रक्षा सामग्री आयात होती थी। आज तस्वीर बदल गई है। भारत की धरती पर बनीं रक्षा सामग्रियों का इस्तेमाल हो रहा। इससे महात्मा गांधी का देखा हुआ आत्मनिर्भरता का सपना पूरा होगा।
सेना में महिलाओं की भागीदारी पर रक्षा मंत्री ने कहा कि जब मैं गृहमंत्री था, तब एडवाइजरी जारी कर कहा था कि महिलाओं को पुलिस में कम से कम 33 फीसदी भागीदारी मिलनी चाहिए। कई राज्यों में महिलाओें का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। इतना ही नहीं, सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिया जाएगा। सैनिक स्कूलों में भी को-एजुकेशन की शुरुआत हुई है। एनडीए के पोर्टल भी महिलाओं के लिए खुल गए हैं। प्रवेश के लिए दो लाख से अधिक आवेदन आए थे। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई नारी शक्ति की पहचान हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज में लक्ष्मीबाई रेजीमेंट की स्थापना की थी। केंद्र की सरकार इस काम को आगे बढ़ा रही है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज की सराहना की।
इससे पूर्व योगी आदित्य नाथ ने कहा कि 1857 के संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई ने विदेशी हुकूमत को हिलाकर रख दिया था। मातृभूमि के लिए उन्होंने अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया था। किसी जमाने में बुंदेलखंड की पहचान सूखा और पलायन के लिए होती थी, लेकिन अब बुंदेलखंड के गांव-गांव के हर घर में 2022 तक नल से पानी पहुंचेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर के दो नोड झांसी और चित्रकूट में बन रहे हैं। प्रदेश सरकार विकास के नए आयाम गढ़ रही है।