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ध्यानचंद को भारत रत्न न मिलने से खेल प्रेमी निराश

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major dhyanchand - फोटो : demo
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केंद्र सरकार ने अभी हाल ही में भूपेन हजारिका, नानाजी देशमुख और प्रणव मुखर्जी को भारत रत्न देने का फैसला लिया है। इस सूची में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का नाम न देखकर खेल प्रेमियों को निराशा हुई है। उनका कहना है कि सरकार मेजर के योगदान को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने अपने करिश्माई खेल के जरिये गुलाम भारत का पूरी दुनिया में डंका बजवाया था। बावजूद, भारत रत्न न दिया जाना समझ से परे है।
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लगातार हो रही अनदेखी
मेजर ध्यानचंद का जो हक है, वह नहीं दिया गया है। समय - समय पर केंद्र सरकार के खेल मंत्रियों ने मेजर को भारत रत्न देने की सिफारिश की। लेकिन, उनकी अनदेखी की गई। भारत रत्न भले हीं न दिया हो, लेकिन वह आज लोगोें के दिलों में जिंदा है। ध्यानचंद से बढ़कर खेलों में प्रेरणादायक कोई नहीं है।
- अशोक ध्यानचंद, ध्यानचंद के पुत्र और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी


देश को बहुत कुछ दिया मेजर ने
हॉकी जादूगर ध्यानचंद दुनिया की बड़ी हस्तियों में से एक हैं। उन्हें भारत रत्न न देकर गलत हो रहा है। हॉकी की कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने देश को गोल्ड मेडल दिलाये हैं। उनके कई रिकार्ड ऐसे है, जो आज तक कोई तोड़ नहीं पाया है। देश की हॉकी को उन्होंने बहुत कुछ दिया है।  
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- जमशेर खान, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी


खेल के अनमोल रत्न हैं दद्दा
दद्दा ध्यानचंद स्वयं में ही एक अनमोल रत्न हैं। भारत सरकार उन्हें भारत रत्न क्यों नहीं दे रहीं है, यह केंद्र ही समझ सकता हैं। यदि खेल में भारत रत्न दिया जाये, तो पहले हकदार दद्दा ध्यानचंद ही है। सरकार और जनता जागरूक हों इस मुद्दे पर सभी पूर्व व वर्तमान खिलाड़ी सहमति बनाकर रैली निकालेंगे।
- सुबोध खंडकर, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी


भारत रत्न के सही हकदार हैं ध्यानचंद
वैसे तो खेल में योगदान पर पहला भारत रत्न मेजर ध्यानचंद को दिया जाना था। लेकिन, हद तो ये है कि सरकार को अब तक इसका ख्याल नहीं आया है। भारत रत्न जैसे देश के सर्वोच्च सम्मान के मेजर ध्यानचंद सच्चे हकदार हैं। सरकार को राजनीति से परे हटकर मेजर को ये सम्मान देना चाहिए।
- रमाकांत वर्मा, निदेशक - जिला क्रिकेट संघ


एक हजार से अधिक गोल दागे
मेजर ध्यानचंद देश के ही नहीं बल्कि दुनिया के शीर्ष हॉकी खिलाड़ी माने जाते हैं। ध्यानचंद को फुटबाल में पेले और क्रिकेट में सर डॉन ब्रेडमैन के समतुल्य माना जाता है। वह तीन बार ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख सदस्य रहे। उन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता है, जिन्होंने अपने खेल कैरियर में एक हजार से अधिक गोल किये हैं। 1956  में केंद्र सरकार ने देश का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पदम विभूषण प्रदान किया था। वहीं, इनकी जन्म तिथि 29 अगस्त खेल दिवस के रूप में मनायी जाती है।

पीएम को याद दिलाएंगे वादा
जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग की बैठक हुई। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि हॉकी जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न मिलना चाहिये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था, कि हॉकी जादूगर को भारत रत्न दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वादा को याद दिलाने के लिए प्रधानमंत्री को एक बार फिर ज्ञापन दिया जाएगा। कांग्रेस केंद्र सरकार से मांग करती है कि मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न पुरस्कार से नवाजा जाये। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मजहर अली, सुलेमान अहमद मंसूरी, अफजाल हुसैन, नीता अग्रवाल, आफताब खान, आबिदा खान आदि मौजूद रहे।
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