झांसी। प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। एक ओर हर राजनीतिक दल हर जाति वर्ग को लेकर अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटा है, तो सरकार भी इसमें पीछे नहीं है। चुनाव नजदीक आते ही सरकार को अनुसूचित जाति वर्ग की याद आ गई है। जिले के 20 अनुसूचित जाति वर्ग गांवों के विकास के लिए सरकार ने 20-20 लाख रुपये भेजे हैं। जबकि योजना में 64 गांव चयनित हैं। इसके तहत गांवों में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को 138 वर्ग मीटर जमीन का मालिक बनाया जाएगा। गांवों में पेयजल, शिक्षा और स्वच्छता समेत बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। अब इन गांवों में यह योजनाएं कैसे लागू हो पाएंगी, इस बारे मेें कुछ नहीं कहा जा सकता।
प्रदेश में विस चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही सरकार हर वर्ग को साधने के लिए कोशिश मेें जुट गई है। इसके लिए जिले के गांवों में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के 64 गांवों की सूरत बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना के तहत गांव में पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, शौचालय, नालियां, स्वास्थ्य, सड़कें, आवास, बिजली, डिजिटलीकरण और कौशल विकास के कार्य होंगे। गांवों का पांच साल में विकास कराने का लक्ष्य है। इसके लिए 15 विभाग मिलकर गांवों में सालाना 20 लाख रुपये खर्च करेंगे। इसके साथ ही गांव में बेहतर काम करने वालों को पांच लाख रुपये सालाना की अतिरिक्त मदद मिलेगी। खास बात यह है कि 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति आबादी वाले गांव इसमें शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना का यह हाल
विभाग के मुताबिक प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। जिसका संचालन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करते हैं। अब सवाल है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना का यह हाल है, तो अन्य योजनाओं का क्या होगा? इसके साथ ही योजना को केंद्र सरकार के गठन के दो साल बाद लागू करने की अफसरों की सुध आई है?
ये होंगे गांवों में काम
योजना के तहत गरीबी उन्मूलन, शिक्षा की दिशा में प्रगति, बच्चों का परिषदीय विद्यालय में दाखिला, महिलाओं का टीकाकरण, राशन कार्ड, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्रता के आधार पर दिलाया जाना, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, शुद्ध पेयजल और हैंडपंप का मरम्मत कार्य शामिल है।