स्कूल आवंटन प्रक्रिया के दौरान क्रमांक बदलने पर भड़के शिक्षकों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत
स्कूल आवंटन प्रक्रिया के दौरान क्रमांक बदलने पर भड़के शिक्षक, हंगामा
झांसी। बाहरी जनपदों से गृह जनपद वापस लौटे बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की स्कूल आवंटन प्रक्रिया के दौरान क्रमांक बदले जाने पर शिक्षक भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। इससे विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया तकरीबन डेढ़ घंटे तक थमी रही। इसके बाद दोबारा शुरू हुई प्रक्रिया सर्वर की धीमी गति की वजह से कई बार बाधित हुए। दिन भर में 397 में से महज 41 अध्यापकों को ही स्कूल मिल पाए।
सालों से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तैनात बेसिक शिक्षा परिषद के 397 शिक्षकों का स्थानांतरण शासन ने गृह जनपद झांसी में किया है। इन शिक्षकों को 10 फरवरी को विद्यालय आवंटित किए जाने थे, लेकिन मुख्यालय से गाइड लाइन न मिल पाने की वजह से 10 और 11 फरवरी को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। जबकि दोनों दिन बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिक्षकों व उनके परिजनों का जमावड़ा रहा। शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई। 21 शिक्षकों को ही विद्यालय का आवंटन हो पाया था कि तभी क्रमांक बदले जाने को लेकर शिक्षक भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते रोज उन्हें जो उनका क्रमांक बताया गया था, उसमें अब परिवर्तन कर दिया गया है। इस दरम्यान शिक्षक नारेबाजी करने लगे, जिससे हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना पाकर नवाबाद थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसी दरम्यान तमाम शिक्षक यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले कलक्ट्रेट पहुंच गए। यहां उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसके जरिये उन्होंने क्रमांक में हेरफेर का आरोप लगाया। शिक्षकों ने कहा कि कार्यालय के बाहर चस्पा सूची और काउंसलिंग हॉल की सूची के क्रमांक में अंतर है। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार ने बताया कि पहले शिक्षकों को स्थानीय स्तर पर तैयार की गई सूची के अनुसार क्रमांक आवंटित किए गए थे, लेकिन बाद में शासन ने सूची उपलब्ध कराई। उसमें अलग क्रमांक थे। काफी समझाइश के बाद दोबारा काउंसलिंग शुरू हो सकी। लेकिन, सर्वर की धीमी गति की वजह से कई बार बाधित हुई। शाम को समय समाप्त होने तक 397 में से 41 दिव्यांग व महिला अध्यापकों को ही विद्यालय आवंटित हो पाए।