झांसी। सावन महीने में शराब की बिक्री को जबर्दस्त झटका लगा है वहीं, भांग की मांग में भारी उछाल दर्ज हुई है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन दिनों शराब की बिक्री में करीब बीस फीसदी की कमी आ गई। प्याज, लहसुन समेत अंडे से परहेज के चलते इनकी बिक्री में भी जबरदस्त गिरावट दर्ज हुई है।
भोले भंडारी के भक्त सावन माह में निरामिष माने जाने वाली वस्तुओं से खासा परहेज करते हैं। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। शराब की बिक्री में खासी गिरावट दर्ज हुई है। जनपद में अंग्रेजी शराब की 84 दुकानें, 71 बीयर की, 268 देशी शराब एवं 5 मॉडल शॉप से हर माह करीब 34 करोड़ की लाइसेंस फीस आबकारी महकमे को मिलती है। लेकिन सावन माह में शराब की बिक्री में करीब बीस फीसदी की कमी दर्ज की गई है। वहीं, भांग की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जनपद में भांग के लाइसेंसी दुकानदार 10 हैं। इनमें से दो दुकानें शहरी इलाकों में हैं। सामान्य तौर पर इनसे 30 लाख लाइसेेंसी फीस मिलती है लेकिन भोले नाथ की पसंद माने जाने वाली भांग की बिक्री बढ़कर करीब 42 लाख रुपये तक पहुंच गई हैं। आबकारी अधिकारी भी मानते हैं कि पूरे वर्ष में जुलाई-अगस्त माह में ही शराब की बिक्री में सर्वाधिक गिरावट आती है। डीओ प्रमोद कुमार गोयल के मुताबिक सावन के महीने में बिक्री घट जाती है हालांकि इसकी भरपाई दिसंबर-जनवरी माह में हो जाती है।
पचास रुपये गिर गया मुर्गा का दाम
सावन माह में मांसाहार से भी लोग खासा परहेज कर रहे हैं। इसका असर मुर्गा मंडी में देखने को मिल रहा। पिछले महीने तक थोक बाजार में मुर्गा की कीमत 130 रुपये किलो थी जो अब घटकर 80 रुपये रह गई। मुर्गा के दाम गिरने से कारोबारी परेशान हैं। थोक कारोबारी मोहम्मद राशिद का कहना है एक मुर्गा पर करीब 110 रुपये की लागत आती है लेकिन, बिक्री न होने से उसे 80 रुपये में बेचना पड़ रहा है। कम कीमत होने के बाद मुर्गा को बाजार में बेचना मजबूरी है। नुकसान के बावजूद कारोबारी इसे बेच रहे हैं। प्रति कैरेट अंडे का दाम में भी गिरावट आई है।
चार दिन मेें भी नहीं बेच सके पचास किलो प्याज
प्याज एवं लहसुन की बिक्री में भी गिरावट आ चुकी है। सावन महीने में लोग इसके इस्तेमाल से भी परहेज कर रहे हैं। मंडी में थोक विक्रेता राजीव शिवहरे का कहना है सामान्य तौर पर एक दिन में करीब सौ किलो प्याज बेच लेते हैं लेकिन सावन शुरू होने के बाद पचास किलो की एक बोरी भी चार दिन में भी नहीं बिक रही है। बारिश की वजह से भी लोग घरों में रखने से बचते हैं। लहसुन की भी बिक्री में भी खासी कमी आई है।