बुजुर्ग रोजाना सुबह घूमने जाते थे। रविवार की सुबह भी वह घूमने के लिए निकले थे। इसी दौरान वह कुशीनगर एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
झांसी के मोंठ थाना इलाके में कुशीनगर एक्सप्रेस की चपेट में आने से सेवानिवृत्त लेखपाल की मौत हो गई। मॉर्निंग वॉक के दौरान बुजुर्ग ट्रेन की चपेट में आ गए। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।
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मोंठ के मोहल्ला अखाड़ापुरा निवासी हरदयाल पाल (65) पांच साल पहले लेखपाल पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बेटे बृजेश सिंह ने बताया कि पिता रोजाना सुबह घूमने जाते थे। रविवार की सुबह भी वह घूमने के लिए निकले थे। इसी दौरान तकरीबन साढ़े चार बजे वह कुशीनगर एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास जमा हुए लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस को तलाशी में मृतक की जेब से कुछ कागज मिले, जिसके आधार पर सूचना परिजनों को दी गई। इस पर परिजन मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बता दें कि मृतक दो बेटे बृजेश व चंद्रप्रताप और एक बेटी सुषमा है। तीनों की शादी हो चुकी है। वहीं, छोटा बेटा चंद्रप्रताप इंजीनियर है और बेंगलुरु में नौकरी करता है। पिता की मौत की सूचना पर बेटा घर के लिए रवाना हो गया है। हादसे से बाद से मृतक के परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है।