झांसी। बड़ागांव थाना इलाके के डिमरौनी में पहाड़ के मलबे नीचे दबे महिला के शव को लगातार 21 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद बुधवार सुबह निकाला जा सका। मंगलवार को पत्थर की खदान में काम करने के दौरान चट्टान धसकने से महिला श्रमिक मलबे के नीचे दब गई थी।
मंगलवार दोपहर तकरीबन बारह बजे ओरछा के ग्राम जिझौरा निवासी सुनील परिहार और उनकी पत्नी माया (32) डिमरौनी में स्थित श्याम स्टोन क्रशर की पत्थर की खदान पर काम रहे थे। इसी दरम्यान तकरीबन चालीस फुट की ऊंचाई से एक बड़ी चट्टान धसक गई थी और उसके साथ काफी मलबा भी गिरा था, जिसके नीचे माया दब गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोपहर में तकरीबन डेढ़ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। मलबा हटाने के लिए पांच एलएनटी मशीनें लगाईं गईं थीं। रात भर मलबा हटाने का काम जारी रहा। बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे मलबा साफ होने के बाद महिला श्रमिक का शव बाहर आया। शव के बाहर आते ही वहां चीखपुकार मच गई। महिला तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस सुरक्षा में गांव पहुंचाया गया।
दस दिन पहले ही शुरू की थी मजदूरी
झांसी। सुनील कई सालों से खदान पर काम कर रहा था, जबकि उसकी पत्नी माया हाल ही में 28 अगस्त से मजदूरी पर आई थी। दोनों के तीन बच्चे सलोनी (16), संगम (13) व जितेंद्र (10) हैं। परिवार की जरूरतें बढ़ने पर माया ने भी मजदूरी शुरू कर दी थी। लेकिन, उसका ये सफर ज्यादा समय तक नहीं चल पाया और हादसे में जान चली गई।